कर्नाटक में सूखे से किसान बेहाल, CM शिवकुमार ने केंद्र से मांगे 7,142 करोड़ रुपये की राहत

कर्नाटक में सूखे से किसान बेहाल, CM शिवकुमार ने केंद्र से मांगे 7,142 करोड़ रुपये की राहत

कर्नाटक में सूखे से किसान और आम लोग परेशान हैं. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की राहत मांगी है. राज्य के 177 तालुकों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सरकार के मुताबिक सूखे से करीब 46,324.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. केंद्रीय टीम तीन दिन राज्य का दौरा कर स्थिति का आकलन करेगी.

Karnataka CM DK ShivkumarKarnataka CM DK Shivkumar
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 04, 2026,
  • Updated Oct 04, 2026, 5:24 PM IST

कर्नाटक में सूखे की वजह से किसान और आम लोग परेशान हैं. किसानों की मुश्किलों को देखते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार से 7,142.64 करोड़ रुपये की सूखा राहत देने की मांग की है. पहले राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष यानी NDRF के नियमों के तहत केंद्र से 3,705.30 करोड़ रुपये की मदद मांगी थी. अब सूखे की स्थिति को देखते हुए यह मांग बढ़ाकर 7,142.64 करोड़ रुपये कर दी गई है.

177 तालुके आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित

कर्नाटक सरकार के मुताबिक राज्य के 240 तालुकों में से 217 तालुकों की पहचान सूखा प्रभावित क्षेत्र के तौर पर की गई है. इनमें से 177 तालुकों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. सरकार का कहना है कि इन इलाकों की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की गई है और केंद्र सरकार की आपदा प्रबंधन गाइडलाइन के आधार पर फैसला लिया गया है. सरकार के आकलन के मुताबिक सूखे की वजह से राज्य में करीब 46,324.50 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. इसी आधार पर केंद्र से ज्यादा राहत राशि की मांग की गई है.

'किसान परेशान होंगे तो सब कुछ रुक जाएगा'

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम के साथ बैठक में राज्य की स्थिति बताई. यह टीम केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजित कुमार साहू के नेतृत्व में कर्नाटक पहुंची है. शिवकुमार ने कहा कि अगर किसान परेशान होते हैं तो इसका असर पूरे राज्य पर पड़ता है. खेती प्रभावित होने से आम लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है. इसलिए केंद्र सरकार को कर्नाटक के किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.

4 दशक में ऐसी परेशानी नहीं देखी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने करीब चार दशक के सार्वजनिक जीवन में लोगों को इतनी मुश्किल में पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने बताया कि किसानों और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को समझने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया था. इस दौरान करीब 150 विधायकों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याएं सरकार के सामने रखीं. इनमें सूखा, पानी की कमी और किसानों से जुड़ी कई समस्याएं शामिल थीं.

जलाशयों में पानी की आवक कम

शिवकुमार ने बताया कि राज्य के ज्यादातर जलाशयों में पानी की आवक कम हो गई है. कृष्णा नदी बेसिन के कुछ जलाशयों को छोड़कर कई जगह स्थिति खराब है. मलनाड और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भी बारिश की भारी कमी हुई है. बारिश की कमी का असर केवल गांवों तक सीमित नहीं है. कई शहरी इलाकों में भी पानी की कमी की समस्या सामने आ रही है. ऐसे में सरकार के सामने किसानों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी पानी का इंतजाम करना बड़ी चुनौती बन गया है.

किसानों को 2,500 रुपये की राहत

कर्नाटक सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए 2,500 रुपये की राहत देने का ऐलान किया है. हालांकि, मुख्यमंत्री का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य को केंद्र से ज्यादा मदद की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसान इस समय काफी मुश्किल में हैं. गन्ना किसान बेहतर कीमत की मांग कर रहे हैं. वहीं दूध उत्पादक भी दूध खरीद की कीमत में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं.

सरकार बोली- केंद्र और राज्य मिलकर करें काम

शिवकुमार ने कहा कि मौजूदा मुश्किल समय में केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए. राज्य के मंत्री अलग-अलग जिलों का दौरा कर जमीन पर हालात का जायजा ले रहे हैं. अधिकारियों को भी राहत और जरूरी सावधानी से जुड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. किसानों को मौजूदा मौसम और पानी की स्थिति को देखते हुए फसल की बुवाई का फैसला लेने की सलाह भी दी जा रही है, ताकि आगे होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.

केंद्र की टीम तीन दिन करेगी दौरा

मुख्यमंत्री की मांग पर केंद्रीय टीम के प्रमुख अजित कुमार साहू ने मदद का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम तीन दिनों तक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों का दौरा करेगी. टीम जमीन पर सूखे की स्थिति देखेगी और राज्य सरकार के अधिकारियों से नुकसान से जुड़े आंकड़े जुटाएगी. दौरे और आंकड़ों की जांच के बाद केंद्रीय टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर कर्नाटक को सूखा राहत देने को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें: 

समय पर बारिश नहीं होने से सोयाबीन की फसल पर संकट, जालना के किसानों की बढ़ी चिंता
Onion Price: प्याज के दाम में बड़ी गिरावट! नासिक में थोक भाव ₹55 से घटकर ₹46 किलो

MORE NEWS

Read more!