ओडिशा में चक्रवात से तबाही! कांग्रेस ने सरकार से किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की उठाई मांग

ओडिशा में चक्रवात से तबाही! कांग्रेस ने सरकार से किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की उठाई मांग

ओडिशा में चक्रवात और बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. फसलें बर्बाद होने और लोगों की जान जाने के बाद अब कांग्रेस ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों का पूरा कृषि कर्ज माफ करने और भूस्खलन में जान गंवाने वालों के परिवारों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है.

ओडिशा में आपदा से भारी नुकसान (AI- Image)ओडिशा में आपदा से भारी नुकसान (AI- Image)
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Nov 07, 2026,
  • Updated Nov 07, 2026, 12:47 PM IST

ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. भूस्खलन और बाढ़ के कारण लोगों की जान गई है, जबकि किसानों की फसलें और कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अब ओडिशा कांग्रेस ने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को कम से कम 20 लाख रुपये मुआवजा देने और गंजाम जिले के किसानों का पूरा कृषि कर्ज माफ करने की मांग की है. ये मांगें ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने उठाई हैं. शुक्रवार को वे पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित गंजाम जिले के दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया.

गंजाम में 5,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से गंजाम जिले में फसलों और संपत्ति को मिलाकर करीब 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि गंजाम राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित बाजारों और दुकानों का भी दौरा किया. इस दौरान व्यापारियों से बातचीत कर उनके नुकसान की जानकारी ली गई. पार्टी के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अकेले आस्का में कारोबारियों को 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की मांग

ओडिशा कांग्रेस ने राज्य सरकार से गंजाम जिले के किसानों का पूरा कृषि कर्ज माफ करने की मांग की है. पार्टी का कहना है कि फसलें बर्बाद होने से किसानों की कमाई पर असर पड़ा है और उनके लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है. कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें फसल के मूल्य का कम से कम 50 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए. इस नुकसान का आकलन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के आधार पर करने की मांग की गई है.

भूस्खलन में अब तक 7 शव बरामद, 6 लोग लापता

भक्त चरण दास ने कंधमाल और गंजाम जिले की सीमा पर स्थित भंजनगर ब्लॉक के घिदिपाबली गांव का दौरा किया. यहां भूस्खलन में जान गंवाने वाले और घायल लोगों के परिवारों से मुलाकात की. अधिकारियों के मुताबिक, पहाड़ी पर बसे इस गांव में भूस्खलन के बाद कुल 13 लोग लापता बताए गए थे. इनमें से अब तक सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है. हादसे के दौरान 13 अन्य लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे.

कंधमाल जिले के रायकिया ब्लॉक में भी एक अन्य भूस्खलन हुआ था. इसमें एक दंपति और उनके बच्चे की मौत हो गई. चक्रवात 'अर्नब' के कारण ओडिशा में हुई कुल 11 मौतों में से 10 भूस्खलन के कारण हुईं, जबकि गजपति जिले में एक व्यक्ति बाढ़ के पानी में बह गया.

हर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये देने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि भूस्खलन में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी होनी चाहिए. उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों को भी आर्थिक सहायता देने की मांग की. दास ने गंजाम जिले के आस्का, भंजनगर, सोराडा और शेरगडा ब्लॉक का दौरा भी किया. उन्होंने उन दो किसानों के परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने कथित तौर पर फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या कर ली थी.

राहत शिविरों में सुविधाओं की कमी का आरोप

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में पका हुआ भोजन बांटना बंद कर दिया गया है. वहीं, कुछ राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए पर्याप्त जगह और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. भक्त चरण दास ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है, लेकिन यह राशि प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी. उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए कुछ समय तक मुफ्त बस सेवा चलाने की भी मांग की है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल शनिवार को गजपति जिले का दौरा करेगा. पार्टी का कहना है कि प्रभावित इलाकों में राहत, मुआवजे और पुनर्वास के लिए सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए. (PTI)

MORE NEWS

Read more!