
महाराष्ट्र में सूखे और फसल बर्बादी से परेशान किसानों के साथ दिवाली की खुशियां बांटने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के विधायक रोहित पवार अकोला पहुंचे. यहां उन्होंने घुसर गांव में किसान त्रिगुणा मालठाणकर और खेत मजदूर पवन जटाले के घर जाकर उनके परिवारों के साथ दिवाली मनाई. इस दौरान रोहित पवार ने दोनों परिवारों को दिवाली का फराल यानी पारंपरिक मिठाइयां और पकवान के साथ कपड़े भी भेंट किए. उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी परेशानियों और खेती-किसानी के हालात की जानकारी ली.
रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के कई इलाकों में किसान सूखे और फसल खराब होने की वजह से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे मुश्किल समय में किसानों और खेत मजदूरों के साथ खड़े होना जरूरी है. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से किसानों को दी जा रही 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसानों को जितना नुकसान हुआ है, उसके मुकाबले 5,000 रुपये की मदद बहुत कम है. यह सहायता किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है.
रोहित पवार ने बताया कि वे दिवाली के पांचों दिन महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में जाकर किसानों और खेत मजदूरों के साथ त्योहार मनाएंगे. वहीं, घुसर गांव में उनके पहुंचने पर किसान त्रिगुणा मालठाणकर ने खुशी जताई और इस मुलाकात को अपने परिवार के लिए खास बताया.
महाराष्ट्र के गोकुल दूध संघ के चुनाव को लेकर भी विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने चार संचालकों को मतदान का अधिकार देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया. साथ ही कहा कि अगर इस फैसले के विरोध में कोल्हापुर में आंदोलन होता है, तो वे उसका पूरा समर्थन करेंगे. रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और अब चुनावी प्रक्रिया में अनुचित तरीके अपनाकर अपनी स्थिति बचाने की कोशिश कर रही है.
गोकुल दूध संघ के चुनाव में चार संचालकों को वोट देने का अधिकार दिए जाने के फैसले पर रोहित पवार ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ किसानों को साथ लेकर विरोध किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस फैसले के विरोध में आंदोलन शुरू होता है, तो वे किसानों के साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने इन चार लोगों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने से रोकने के लिए भी एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही. रोहित पवार के इस बयान के बाद गोकुल दूध संघ के चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद बढ़ने के आसार हैं. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोल्हापुर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं.