
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज गाजियाबाद में किसानों के साथ वर्चअली संवाद किया. यह कार्यक्रम 'विजन इंडिया' अभियान के तहत आयोजित किया गया. इसका दूरगामी असर आने वाले विधानसभा चुनावों तक जोड़कर देखा जा रहा है. इस कार्यक्रम में किसान और सपा के कार्यकर्ता शामिल हुए. सपा प्रमुख ने बताया कि वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकल चुके थे, लेकिन विमान में तकनीकी खामियों के चलते गाजियाबाद नहीं आ सके. इसलिए वह वर्चुअल माध्यम से किसानों से बातचीत करेंगे. अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में छोटी जोत, किसानों की आय, आलू किसानों की समस्या, फसलों पर एमएसपी और गन्ना किसानों के भुगतान संकट जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा. उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर गन्ना भुगतान सीधे किसानों के खाते में पहुंचाया जाएगा.
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में कृषि प्रधान व्यवस्था होने के बावजूद किसान आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पा रहा है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आज भी बड़ी संख्या में किसानों की मासिक आय सीमित दायरे में सिमटी हुई है. यही वजह है कि नई पीढ़ी खेती से दूरी बना रही है और अवसर मिलने पर खेती छोड़ने को तैयार है. उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियों को नीति निर्माण का केंद्र बनाने की बात कही.
सपा प्रमुख ने गन्ना किसानों की सबसे बड़ी समस्या भुगतान में देरी को बताया. उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा, जिसमें जैसे ही किसान को गन्ने की पर्ची मिलेगी, उसके 24 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उसके खाते में पहुंच जाएगा. उन्होंने इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपये का ‘रिवॉल्विंग फंड’ बनाने का वादा किया. साथ ही एस्क्रो अकाउंट व्यवस्था के जरिए मिलों और सरकार के बीच तालमेल स्थापित करने की बात कही.
किसानों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन के मुद्दे को उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार 23 फसलों और दूध को शामिल करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देगी. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का सुनिश्चित मूल्य मिलेगा और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होगा.
बातचीत में आलू और धान किसानों ने अपनी समस्याएं बताईं. किसानों ने बताया कि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा और लागत के मुकाबले फसल का मूल्य बेहद कम है. इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि आलू के लिए प्रोसेसिंग, स्टोरेज और कोल्ड चेन की मजबूत व्यवस्था जरूरी है. उन्होंने पूर्व में अपनी सरकार के दौरान शुरू किए गए फूड प्रोसेसिंग और विशेष मंडियों के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं को फिर से मजबूत किया जाएगा.
किसानों पर बढ़ते कर्ज और आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सपा प्रमुख ने ‘एग्रीकल्चर डेब्ट रिलीफ एक्ट’ लाने की बात कही. उन्होंने कहा कि इसके तहत किसानों के कर्ज का समाधान किया जाएगा और भविष्य में उन्हें आर्थिक संकट में फंसने से बचाने के लिए आयोग और कमीशन बनाए जाएंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए ग्रामीण ढांचे को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने एक्सप्रेस-वे के किनारे मंडियां, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और फूड क्लस्टर विकसित करने की योजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को कृषि निर्यात और प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा सकता है.
कार्यक्रम में किसानों ने महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर की समस्या भी उठाई. इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में किसानों को राहत देने के लिए बिजली और सिंचाई को लेकर बड़े फैसले लिए जाएंगे. उन्होंने मुफ्त बिजली और सोलर आधारित समाधान जैसे विकल्पों पर भी जोर दिया. बातचीत के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि खेती को फिर से सम्मानजनक और लाभकारी बनाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि जब किसान खुशहाल होगा तभी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.