मुजफ्फरनगर में पहुंचा किसान कारवां, खेती, पशुपालन और जलवायु बदलाव पर किसानों ने जुटाई अहम जानकारी

मुजफ्फरनगर में पहुंचा किसान कारवां, खेती, पशुपालन और जलवायु बदलाव पर किसानों ने जुटाई अहम जानकारी

मुजफ्फरनगर के जानसठ में पहुंचे किसान कारवां में किसानों को खेती, पशुपालन और जलवायु बदलाव से जुड़ी नई जानकारी दी गई. कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने उर्वरक, मछली पालन, पोषण और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से जागरूक किया.

Kisan Karwan MuzaffarnagarKisan Karwan Muzaffarnagar
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Muzaffarnagar,
  • Apr 25, 2026,
  • Updated Apr 25, 2026, 4:29 PM IST

भारत का चीनी का कटोरा और एशिया की बड़ी गुड़ मंडियों में शामिल गंगा-यमुना के दोआब में स्थित मुजफ्फरनगर जनपद में किसान तक का किसान कारवां पहुंचा. इंडिया टुडे ग्रुप और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल से शुरू हुआ किसान कारवां प्रदेश के 75 जिलों की यात्रा में 67वें पड़ाव के तौर पर जनपद के जानसठ ब्लॉक पहुंचा. सूर्य की बढ़ती तपिश और लू के थपेड़ों के बीच किसानों की मौजूदगी यह बताने के लिए काफी थी कि यहां के किसान खेती के प्रति कितने जागरूक हैं. कृषि की विभिन्न फसलों के साथ-साथ पशुपालन और जलवायु परिवर्तन से खेती में आ रहे बदलाव को लेकर केवीके मुजफ्फरनगर द्वितीय, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विस्तृत जानकारी दी. साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी किसानों को अवगत कराया.

किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान केवल कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों सहित पशुपालन से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता ही नहीं रही, बल्कि उर्वरक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले इफको, इफको एमसी, धानुका और चंबल फर्टिलाइजर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान किसानों के मनोरंजन के लिए जादूगर ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां रोचक अंदाज में प्रस्तुत की. इसके अलावा, 12 किसानों को लकी ड्रॉ के माध्यम से नकद पुरस्कार भी वितरित किए गए. साथ ही प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए. इसके साथ ही एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती भी मौजूद रहे और उन्होंने किसानों को 

संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें किसान

पहले चरण में मुजफ्फरनगर के इफको के प्रतिनिधि ईश्वर सिंह ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के बारे में जानकारी दी. साथ ही उन्होंने बताया कि किसान मिट्टी की जांच इफ्फको की मदद से कैसे करवा सकते हैं और खेतों से मिट्टी कैसे निकालें, इसके बारे में जानकारी दी. साथ ही उन्होंने नैनो डीएपी, नैनो यूरिया सहित नैनो जिंक से जुड़े उत्पादों के बारे में किसानों को बताया और समझाया कि आने वाले दिनों में अब किसानों को इन्हीं उत्पादों के साथ खेती में आमदनी बढ़ानी है.

वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करें किसान

दूसरे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय मुजफ्फरनगर की मत्स्य वैज्ञानिक सौम्या पांडे ने कहा कि मछली पालन आज के समय में किसानों की आमदनी को बढ़ाने का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है. इसलिए किसान परंपरागत खेती और आधुनिक खेती के साथ मछली पालन की ओर भी कदम बढ़ाएं तो उनकी आमदनी और भी अधिक हो सकती है. मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी हुई योजनाओं के बारे में भी उन्होंने किसानों को विस्तार से जानकारी दी.

बड़े काम के हैं इफको एमसी के उत्पाद

तीसरे चरण में मुजफ्फरनगर से इफको एमसी के प्रतिनिधि शिवम चौधरी ने किसानों को माइकोज़ेन, शिरासागी, हुयूमेत्शू उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. आगे उन्होंने गन्ना फसल में लगने वाले कीट और रोगों से बचाव से जुड़ी जानकारी देते हुए शिरासागी और मोयासी के बारे में बताया.

आगे उन्होंने बताया कि इफ्फको एमसी के जो पैकेट आते हैं, अलग-अलग कलर के उनके अलग-अलग काम होते हैं. विशेष तौर से पीले कलर के डब्बे में आने वाले उत्पाद कीटनाशक रोधक के क्षेत्र में उपयोग किए जाते हैं. 

नीले कलर के पैकेट फफूंदनाशक, हरे रंग के पैकेट खरपतवार के लिए और गुलाबी कलर के पैकेट पौधों के विकास की दवा के लिए आते हैं. जब भी किसान एमसी के कोई उत्पाद खरीदें तो पैकेट का कलर जरूर देखें.

जादूगर ने दिया खेती का संदेश

चौथे चरण में जादूगर सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने किसानों को आय दोगुनी करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.

गोपालन के लिए सरकारी योजना

पांचवें चरण में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने किसानों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में देसी गौपालन के लिए जो योजनाएं चलाई जा रही हैं, उन योजनाओं से जुड़ी हुई पूरी जानकारी किसान कारवां मंच के जरिए बताई. जिसमें से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के बारे में किसानों को अवगत कराया. 

आगे उन्होंने किसानों को एकीकृत बकरी पालन योजना के बारे में भी बताया. उन्होंने बताया कि इसमें अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को पांच बकरी और एक बकरा दिया जाता है और इसमें जो लागत आती है, उसमें करीब 40,000 के आसपास सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है. उन्होंने मुर्गी पालन से जुड़ी हुई योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी.

धानुका के उत्पाद किसानों को कराएगी कमाई

छठवें चरण में धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के प्रतिनिधि हर्षित तिवारी ने कंपनी के 90 उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को धानुका के माइकोरसुपर, कोनिका, सेम्प्रा सहित अन्य उत्पादों का धान, गेहूं, गन्ना सहित अन्य फसलों में उपयोग कैसे करें, इसको लेकर जानकारी दी. किसानों को खेती और उर्वरकों के सही उपयोग के साथ रासायनिक दवाओं में कौन-सी कंपनी की दवा का उपयोग करना है, इसके बारे में भी पूरी जानकारी दी.

पोषण वाटिका की ओर कदम बढ़ाएं किसान

सातवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय मुजफ्फरनगर की होम साइंस वैज्ञानिक डॉ. पूजा ने संतुलित भोजन खाने को लेकर किसानों के बीच जिक्र किया.इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आज के समय में एक संतुलित भोजन इंसानों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है. आगे उन्होंने किसानों को मोटा अनाज की खेती और खुद के भी भोजन में मिलेट्स के उपयोग करने को लेकर आग्रह किया. 

उसके साथ ही पोषण वाटिका पर भी उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका क्यों जरूरी है और उन्होंने विशेष तौर से महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने घर के आसपास खाली जगह में एक पोषण वाटिका जरूर लगाएं. इसका फायदा यह होता है कि आप केमिकल मुक्त सब्जी आसानी से उगाएंगे और उसका सेवन भी करेंगे.

कार्बन क्रेडिट कार्ड पर जिला में हो रहा है कार्य

आठवें चरण में उप कृषि निदेशक मुजफ्फरनगर के प्रमोद सिरोही ने कहा कि अब उन्हीं किसानों को बीज मिलेगा, जिन्होंने पहले से बुकिंग की हुई है. आगे उन्होंने कहा कि जिले के दो विकास खंड में कार्बन क्रेडिट कार्ड पर कार्य शुरू कर दिया गया है. 

खतौली और शाहपुर में जैविक खेती की जाएगी. आगे उन्होंने किसानों को बताया कि विभाग की ओर से खेती से जुड़ी प्रशिक्षण परिभ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, तो जिन किसानों को इसका लाभ लेना है, वह जरूर विभाग से संपर्क करें.

सरकार किसानों के लिए चला रही बहुत योजनाएं

नौवें चरण में ब्लॉक प्रमुख चांदसठ नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. उनमें से कुछ योजनाएं तो सरकार द्वारा निशुल्क भी चलाई जा रही हैं. 

अब किसानों को जरूरत है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का कितना फायदा ले सकते हैं, क्योंकि ऐसे किसान हैं जिन्हें योजना का लाभ मिलता है, लेकिन वह उस योजना को सही तरीके से अपने खेतों पर लागू नहीं कर पाते हैं. इसलिए सबसे पहले किसान जागरूक हों, तभी वह अपनी आमदनी को और बढ़िया कर सकते हैं.

लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को दी गई नकद राशि

अंतिम, दसवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये का पुरस्कार दिया गया. साथ ही 5 किसानों को एक हजार रुपए दिया गया.‘किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.

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