Wheat Procurement: गेहूं खरीदी की अव्यवस्था पर भड़के राकेश टिकैत, CM योगी को पत्र लिख जताई नाराजगी

Wheat Procurement: गेहूं खरीदी की अव्यवस्था पर भड़के राकेश टिकैत, CM योगी को पत्र लिख जताई नाराजगी

उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राकेश टिकैत ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा. उन्होंने क्रय केंद्रों पर अव्यवस्था, लेबर और बोरों की कमी तथा कई केंद्र शुरू न होने की समस्या बताई.

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Wheat Procurement: गेहूं खरीदी की अव्यवस्था पर भड़के राकेश टिकैत, CM योगी को पत्र लिख जताई नाराजगी Rakesh Tikait (File Photo)

उत्तर प्रदेश में बीते 30 मार्च से गेहूं खरीदी शुरू हो गई है. लेकिन अब खरीद व्‍यवस्था पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए हैं. किसान संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखकर खरीद केंद्रों की 'बदहाल स्थिति' को तुरंत सुधारने की मांग की है. उन्होंने पत्र में कहा कि अगर ऐसे ही अव्यवस्था जारी रही तो इसका सीधा असर सरकारी खरीद और किसानों दोनों पर पड़ेगा.

राकेश टिकैत ने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में गेहूं की कटाई तेजी से चल रही है, लेकिन किसान अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. सरकार ने 30 मार्च 2026 से खरीद शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन 15 अप्रैल तक कई केंद्रों पर स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है.

कई क्रय केंद्र अब तक शुरू नहीं: टिकैत

टिकैत ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई गेहूं खरीद केंद्र अभी तक चालू नहीं हुए हैं. जहां खरीद शुरू हुई भी है, वहां पर्याप्त मजदूरों की कमी बनी हुई है. इसके साथ ही खाली बोरों (बारदाने) की उपलब्धता नहीं होने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है.

'बिचौलियों को मिल रहा फायदा'

राकेश टिकैत ने आगे कहा कि व्यवस्था में खामियों के कारण किसान मजबूरी में दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं. इसका सीधा फायदा बिचौलियों को मिल रहा है और किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है. हालात किसानों के खिलाफ बनते जा रहे हैं.

सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

टिकैत ने पत्र के जरिए मांग की है कि प्रदेश के सभी खरीद केंद्रों की वास्तविक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. टिकैत ने कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो इसका सीधा असर सरकारी गेहूं खरीद पर पड़ेगा और किसानों की परेशानी बढ़ सकती है.

इस इतना है MSP और अतिर‍िक्‍त भुगतान

वहीं, गेहूं खरीदी की शुरुआत से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया को किसान हितैषी और पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम व्यवस्थाएं लागू की गई हैं. राज्य में क्रय केंद्रों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां किसानों को टोकन प्रणाली के आधार पर बुलाया जाएगा, ताकि भीड़ और इंतजार की समस्या कम हो सके. हर केंद्र पर तौल, भंडारण और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को बिना किसी कटौती के सही वजन का भुगतान मिल सके.

इस सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है और किसानों की लागत को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया है. इसके अलावा सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि गेहूं उतारने, छानने और साफ करने के लिए किसानों को अतिरिक्त 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे, जिससे उनकी कुल आमदनी में बढ़ोतरी होगी.

भुगतान व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी उपज का पैसा सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा. लक्ष्य रखा गया है कि खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाए, ताकि किसानों को नकदी की कमी का सामना न करना पड़े. इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते, आधार और पंजीकरण विवरण को अपडेट रखें, जिससे भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए. 

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