
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की जमीन अधिग्रहण पर मुआवजे की राशि चार गुना बढ़ाने का फैसला किया है. इस फैसले पर कांग्रेस ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा है कि सरकार देरी के लिए माफी मांगने के बजाय इस फैसले का गलत श्रेय लेने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि करीब दस साल बाद मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को चार गुना मुआवजा देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि यह प्रावधान पहले ही यूपीए सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बनाए गए भूमि अधिग्रहण कानून में शामिल किया था, जिसे किसानों की मांग को देखते हुए लागू किया गया था.
जयराम रमेश ने X पर एक पोस्ट में लिखा है...हालांकि, राज्य की BJP सरकार इस देरी के लिए माफी मांगने के बजाय, इसे किसानों पर एक एहसान के तौर पर पेश करने और इसका झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि UPA सरकार द्वारा सितंबर 2013 में बनाए गए कानून में ग्रामीण जमीन मालिकों के लिए चार गुना मुआवजे का प्रावधान पहले से ही शामिल था.
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार ने 10 साल तक मुआवजे का गुणक 1.0 ही रखा और अब उसी पुराने कानून को लागू करके उसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काम किसने किया, और नाम कौन ले रहा है?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. अब किसी परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित होने पर उन्हें गाइडलाइन मूल्य से चार गुना ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा. कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह सरकार का ऐतिहासिक और बड़ा निर्णय है. इसका सीधा मतलब है कि जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उन्हें उसकी तय कीमत से चार गुना भुगतान मिलेगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भूमि अधिग्रहण मुआवजे के गुणक को 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह फैसला किसानों के हित में लिया गया है. इससे किसानों को उनकी जमीन का सही दाम मिलेगा और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से राज्य की परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, विकास तेजी से होगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा. (PTI)