
पंजाब की राजनीति में ED की कार्रवाई और मंडियों में गेहूं खरीद में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने केंद्र और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है. जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह जंडियाला की अनाज मंडी का दौरा करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसानों का गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन न तो खरीद हो रही है और न ही उठान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार और खरीद एजेंसियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा, लेकिन किसान काफी परेशान हैं. किसानों को अपनी फसल बेचने और मंडियों में इंतजार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
विधायक परगट सिंह ने कहा कि किसानों के मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर नजरअंदाज किया जा रहा है. दिल्ली और शंभू बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन ने दिखा दिया है कि जब किसान एकजुट होते हैं, तो सरकारों को झुकना पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी बी-टीम आम आदमी पार्टी का नजरिया किसानों के बजाय कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है. उनका कहना था कि किसानों की सबसे बड़ी मांग यही है कि उनकी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए, और यह मांग पूरी होना जरूरी है.
मंडी में बैठे किसानों का कहना है कि उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उनकी उपज की खरीद नहीं हो रही और वे कई दिनों से मंडी में अपनी उपज लेकर बैठे हुए हैं. रात के समय चोरी का डर बना रहता है, वहीं आवारा पशुओं से भी फसल को नुकसान होने का खतरा है. इसके अलावा मौसम भी खराब चल रहा है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि वे हर तरफ से परेशान हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाए.
पंजाब में ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि यह सब सिर्फ दिखावा है. उनका आरोप है कि ईडी, सीबीआई और विजिलेंस जैसी एजेंसियों के जरिए यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि पंजाब में सिर्फ आम आदमी पार्टी और भाजपा ही मुख्य ताकत हैं. उन्होंने दावा किया कि 2027 में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसते हुए परगट सिंह ने कहा कि उन्हें ट्वीट करने के बजाय किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानियों की सुध नहीं ली जा रही है.
उन्होंने बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) में पंजाब की स्थायी सदस्यता हटाने और डैम सेफ्टी एक्ट को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि पांच विधानसभा सत्र बीत चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक डैम सेफ्टी एक्ट नहीं लाई. परगट सिंह ने कहा कि जब-जब भाजपा पंजाब के खिलाफ फैसले लाती है, तब-तब सभी पार्टियां मिलकर लड़ाई लड़ती हैं. चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे मुद्दों पर भी सभी दलों ने एकजुट होकर विरोध किया, तभी फैसले वापस हुए.
चरणजीत सिंह चन्नी पर विजिलेंस जांच की मांग और ईडी की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों एक जैसी पार्टियां हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में भी कार्रवाई हुई, लेकिन आखिर में सभी बाहर आ गए. अब पंजाब में भी कांग्रेस को निशाना बनाया जा रहा है. (दविंदर कुमार की रिपोर्ट)