बुंदेलखंड में फसल बर्बाद, किसान बेहाल! राकेश टिकैत ने सरकार से मांगा विशेष राहत पैकेज

बुंदेलखंड में फसल बर्बाद, किसान बेहाल! राकेश टिकैत ने सरकार से मांगा विशेष राहत पैकेज

बांदा में किसान मजदूर महापंचायत में राकेश टिकैत ने बुंदेलखंड के किसानों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने बारिश और जलभराव से बर्बाद फसलों के लिए सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग की. टिकैत ने प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ मदद, फसल बीमा का लाभ और कर्ज राहत देने की मांग की.

किसानों की जमीन बिकने का खतरा!किसानों की जमीन बिकने का खतरा!
सिद्धार्थ गुप्ता
  • Banda,
  • Sep 30, 2026,
  • Updated Sep 30, 2026, 1:08 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में आयोजित किसान मजदूर महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पहुंचे. उन्होंने महापंचायत में मौजूद किसानों से बातचीत की और बुंदेलखंड में फसल खराब होने समेत किसानों की दूसरी समस्याओं को उठाया. टिकैत ने सरकार से बुंदेलखंड के किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की.

बुंदेलखंड के किसानों की हालत खराब: राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड के हर जिले में किसानों की स्थिति खराब है. बारिश और जलभराव की वजह से बड़ी संख्या में फसलें खराब हो गई हैं. किसानों के सामने लागत निकालने का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद के लिए तुरंत राहत पैकेज तैयार करना चाहिए. टिकैत ने मांग की कि प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से आर्थिक मदद दी जाए. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में किसानों को राहत की जरूरत है, ताकि वे खेती और अपना परिवार चला सकें.

बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग

किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग रखी. उन्होंने कहा कि सरकार को इस क्षेत्र के किसानों की स्थिति को देखते हुए अलग से योजना बनानी चाहिए. फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के पास अगली फसल के लिए पैसे की समस्या भी खड़ी हो सकती है. उन्होंने कहा कि सरकार को फसल बीमा योजना के तहत भी किसानों को राहत दिलाने का काम करना चाहिए. टिकैत ने यह भी कहा कि बुंदेलखंड के किसानों का कर्ज माफ करने पर सरकार को विचार करना चाहिए.

फसल बर्बादी से पलायन का भी खतरा

राकेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते किसानों की मदद नहीं की तो बुंदेलखंड से पलायन बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो सकते हैं और दूसरे शहरों में मजदूरी करने जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक मदद मिलने से वे अपनी जमीन और खेती बचा सकेंगे. इससे क्षेत्र से होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिल सकती है.

भारी बारिश से फसलों को नुकसान

बांदा समेत पूरे बुंदेलखंड में इस साल भारी बारिश हुई है. कई जगह खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि फसल खराब होने के कारण उन्हें लागत निकलने की भी उम्मीद नहीं है. फसल नुकसान के बाद किसान लगातार प्रशासन के जरिए सरकार से मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन किया था.

किसानों की समस्याओं पर सरकार से मदद की मांग

महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याएं सुनीं और कहा कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों को तत्काल राहत देने की जरूरत है. उन्होंने सरकार से फसल नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक सहायता देने की मांग की. साथ ही फसल बीमा योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने की बात कही.

वोट चोरी के मुद्दे पर भी बोले राकेश टिकैत

महापंचायत के दौरान राकेश टिकैत ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर वोट चोरी के आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और कथित तौर पर चोरी किए गए वोट वापस किए जाने चाहिए. टिकैत ने कहा कि किसान जानते हैं कि उन्हें अपने वोट का इस्तेमाल कैसे करना है. उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग भी रखी.

किसानों की मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन की बात

किसान महापंचायत में किसानों की फसल बर्बादी, मुआवजा, फसल बीमा, कर्ज और बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से मदद की मांग जारी रहेगी. महापंचायत में मौजूद किसानों ने भी फसल नुकसान के बाद जल्द राहत दिए जाने की मांग उठाई.

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