
मेरठ में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई और अवैध संपत्तियों पर सीलिंग के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहले कमिश्नरी चौराहे पर जुटे. इसके बाद किसान मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं. बाद में किसान आरटीओ कार्यालय की ओर भी गए.
किसानों का मुख्य विरोध पुराने वाहनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर है. भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुराने वाहन किसानों और आम लोगों के लिए रोजमर्रा के काम का जरूरी साधन हैं. किसानों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ ऐसे वाहनों को भी उठाया जा रहा है, जिन्हें लेकर उन्हें आपत्ति है. आरटीओ की ओर से एनसीआर में तय उम्र सीमा पार कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, डीजल वाहनों के लिए 10 साल और पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल की उम्र सीमा लागू है.
कमिश्नरी चौराहे से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ एमडीए कार्यालय पहुंचे. वहां एमडीए के वीसी संजय मीणा खुद कार्यालय से बाहर आए और किसानों से ज्ञापन लिया. भाकियू ने संपत्तियों पर कार्रवाई और शहर की कई कॉलोनियों से जुड़े मामलों में समाधान की मांग रखी. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ में 16,726 अनधिकृत संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई का मामला सामने आया है. यह मामला शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अन्य अनधिकृत निर्माण से जुड़ा है.
भाकियू टिकैत के मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों में शहर को बचाने और पुराने वाहनों को बचाने का मुद्दा शामिल है. उन्होंने कहा कि किसानों और आम लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से घर और वाहन खरीदे हैं. ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ लोगों की समस्या का समाधान भी निकाला जाना चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करने की बात कहते हुए दूसरे पुराने आदेशों को लागू करने की मांग भी उठाई. किसानों का कहना है कि जिन मामलों में लोगों को परेशानी हो रही है, उनमें नियमों के अनुसार कोई व्यावहारिक रास्ता निकाला जाना चाहिए.
एमडीए कार्यालय पर ज्ञापन देने के बाद किसान आरटीओ कार्यालय की ओर बढ़ गए. यहां भी किसानों ने पुराने वाहनों पर कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसान पुराने और नए दोनों तरह के ट्रैक्टर लेकर आरटीओ परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर पुराने वाहनों और संपत्तियों से जुड़े मामलों में किसानों और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे आंदोलन किया जाएगा. वहीं, आरटीओ अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है और सड़क पर चलने वाले उम्र सीमा पार वाहनों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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