धान खरीद में नहीं चलेगी मनमानी! मंडी गेट पर ही कटेगा गेट पास, कृषि मंत्री ने बताई नई व्यवस्था

धान खरीद में नहीं चलेगी मनमानी! मंडी गेट पर ही कटेगा गेट पास, कृषि मंत्री ने बताई नई व्यवस्था

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने करनाल अनाज मंडी का औचक निरीक्षण कर खरीद व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने किसानों को परेशानी न होने देने का भरोसा दिया. साथ ही पराली न जलाने की अपील की. सरकार पराली प्रबंधन के लिए किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ सहायता दे रही है.

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धान खरीद में नहीं चलेगी मनमानी! मंडी गेट पर ही कटेगा गेट पास, कृषि मंत्री ने बताई नई व्यवस्थादेर रात करनाल मंडी पहुंचे कृषि मंत्री

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू होते ही कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा देर रात करनाल की अनाज मंडी पहुंचे. उन्होंने मंडी में धान की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों, आढ़तियों तथा सेलर मालिकों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली. कृषि मंत्री ने कहा कि धान खरीद के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. इसके लिए प्रदेशभर की अनाज मंडियों का लगातार दौरा किया जाएगा.

धान खरीद शुरू, मंडियों में व्यवस्था का लिया जायजा

हरियाणा की अनाज मंडियों में बुधवार से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. खरीद शुरू होने के दिन ही कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा करनाल अनाज मंडी के औचक निरीक्षण पर पहुंचे. उन्होंने मंडी में फसल की आवक, खरीद व्यवस्था और किसानों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया. कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि मंडी में धान लेकर आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. किसानों के साथ-साथ आढ़तियों और सेलर मालिकों की समस्याओं को भी दूर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी प्रदेश की अलग-अलग मंडियों का दौरा जारी रहेगा.

मंडी में ही बनेगा गेट पास

धान खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने मंडियों में जियो फेंसिंग की व्यवस्था की है. कृषि मंत्री ने बताया कि गेहूं की खरीद के दौरान भी इस व्यवस्था को लागू किया गया था. अब धान खरीद में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी फसल लेकर मंडी के गेट पर पहुंचेगा, तभी उसका गेट पास कटेगा और इसके बाद ही पोर्टल पर उसकी जानकारी खुलेगी. किसान घर बैठे गेट पास नहीं कटवा सकेगा. कृषि मंत्री ने साफ कहा कि गेट पास मंडी के गेट पर ही बनाया जाएगा.

पिछले साल की गड़बड़ी को रोकने की तैयारी

करनाल अनाज मंडी में पिछले साल धान खरीद के दौरान सामने आई गड़बड़ियों को लेकर भी कृषि मंत्री से सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि इस बार खरीद प्रक्रिया में निगरानी और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. जियो फेंसिंग और मंडी गेट पर गेट पास की व्यवस्था का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है. कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि सही किसान की सही फसल की खरीद हो और खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

बारिश से धान की कटाई में हो सकती है देरी

हाल में हुई बारिश से किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचा है. इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि बारिश पर किसी का नियंत्रण नहीं है. बारिश से जहां कुछ फसलों को नुकसान होता है, वहीं इसका फायदा भी होता है. उन्होंने कहा कि अभी हुई बारिश के कारण धान की कटाई में एक-दो दिन की देरी हो सकती है. मंत्री ने कहा कि सरकार मंडियों में फसल की आवक को देखते हुए खरीद व्यवस्था पर लगातार नजर रखेगी, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो.

पराली जलाने पर सरकार का टारगेट जीरो

धान की कटाई के बाद पराली जलाने को लेकर भी कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस बार पराली जलाने के मामलों को शून्य करना है. किसानों से कहा गया है कि वे फसल अवशेषों को खेत में न जलाएं, बल्कि उनका उचित प्रबंधन करें. उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से 1200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है. इसके अलावा किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनें भी सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई हैं.

5154 के करीब मशीनें सब्सिडी पर दी गईं

कृषि मंत्री के मुताबिक, पराली प्रबंधन के लिए करीब 5154 मशीनें किसानों को सब्सिडी पर दी गई हैं. इन मशीनों की मदद से किसान धान की कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेषों का सही तरीके से प्रबंधन कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से कहा कि अगर पराली को खेत में ही मिला दिया जाए तो इससे जमीन को भी फायदा मिल सकता है. फसल अवशेष मिट्टी में मिलने से खेत में जैविक पदार्थ बढ़ता है और आगे की फसल के लिए जमीन को फायदा हो सकता है.

पराली से कमाई भी कर सकते हैं किसान

कृषि मंत्री ने कहा कि किसान पराली को जलाने के बजाय उसका उपयोग कमाई के लिए भी कर सकते हैं. फसल अवशेषों को इकट्ठा करके मिलों और दूसरे संस्थानों तक भेजा जा सकता है. इससे किसान पराली को बेकार समझने के बजाय उससे अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से अपील की कि धान की कटाई के बाद खेत में पराली न जलाएं और सरकार की ओर से दी जा रही सहायता और मशीनों का लाभ उठाएं.

मंडियों में किसानों के लिए पानी और खाने की व्यवस्था

कृषि मंत्री ने कहा कि मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए खाने और पानी की व्यवस्था की गई है. सरकार की कोशिश है कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में आए तो उसे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद अभी शुरू हुई है और आने वाले दिनों में फसल की आवक बढ़ेगी. ऐसे में मंडियों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी. कृषि मंत्री ने कहा कि वे खुद भी प्रदेश की अलग-अलग मंडियों का दौरा करेंगे और किसानों, आढ़तियों तथा अन्य लोगों की समस्याओं को मौके पर समझकर उनका समाधान कराया जाएगा.

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