
महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय शोक और सियासी बयानबाजी साथ-साथ चल रही है. उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत के बाद जहां पूरे राज्य में शोक का माहौल है, वहीं इसी बीच सिंचाई घोटाले से जुड़े पुराने आरोपों पर भी बहस तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के मीडिया प्रभारी नवनीत बन ने कहा है कि अजित पवार को सिंचाई घोटाले के मामले में पूरी तरह क्लीन चिट मिलेगी और इस पर किसी तरह का संदेह नहीं है.
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में नवनीत बन ने कहा कि सिंचाई घोटाले से जुड़ा मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है. ऐसे में इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना न केवल अनुचित है, बल्कि उस समय और भी असंवेदनशील लगता है, जब पूरा राज्य एक बड़े जननेता की असामयिक मृत्यु पर शोक मना रहा है.
उन्होंने शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत के बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें राउत ने कहा था कि अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब भाजपा अपने पुराने आरोप वापस ले. बन ने पूछा कि आखिर मौत के एक दिन बाद ही इस तरह के बयान देने की क्या जरूरत थी?
भाजपा नेता ने दोहराया कि कानून अपना काम करेगा और अदालत के फैसले पर सभी को भरोसा रखना चाहिए. नवनाथ बन ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से सच्चाई नहीं बदलती और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही अंतिम सच सामने आएगा.
इधर, अजित पवार की मौत के मामले में जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है. महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने बारामती में हुए विमान हादसे की जांच शुरू कर दी है. इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की जान गई थी.
पुणे ग्रामीण पुलिस ने पहले इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज किया था, जिसे अब सीआईडी को सौंप दिया गया है. जांच एजेंसी हादसे के कारणों, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों की गहराई से पड़ताल करेगी.
गौरतलब है कि अजित पवार का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा. 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले थे. जून 2023 में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से अलग होकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का दामन थामा और उप मुख्यमंत्री बने. बाद में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर भी उन्हें अधिकार मिला, जबकि शरद पवार का गुट एनसीपी एसपी के नाम से पहचाना जाता है. (पीटीआई)