आगरा में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने मीटर उखाड़ कर किया प्रदर्शन

आगरा में स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने मीटर उखाड़ कर किया प्रदर्शन

शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर अकोला कस्बे में शुक्रवार को अचानक माहौल गरमा गया. ग्रामीणों में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से ही नाराजगी थी, जो खुलकर सामने आ गई. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष अपने-अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ कर सिर पर रखकर जुलूस निकालते हुए बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे.

स्मार्ट मीटर को लेकर बवालस्मार्ट मीटर को लेकर बवाल
क‍िसान तक
  • Agra,
  • May 02, 2026,
  • Updated May 02, 2026, 10:23 AM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा में डीबीबीएनएल के स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जन आक्रोश फूट गया. यह जन आक्रोश अकोला और उसके आसपास के गांवों में देखने को मिला, जहां सैकड़ों पुरुष और महिलाओं ने अपने घरों पर लगे मीटरों को उखाड़ लिया और इकट्ठा होकर विद्युत विभाग के ऑफिस के सामने मैदान में फेंक दिया. सभी लोग जुलूस की शक्ल में सड़कों पर नारेबाजी करते हुए पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर अकोला कस्बे में शुक्रवार को अचानक माहौल गरमा गया. ग्रामीणों में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से ही नाराजगी थी, जो खुलकर सामने आ गई. सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष अपने-अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ कर सिर पर रखकर जुलूस निकालते हुए बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे.

प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को मैदान में फेंका

कार्यालय के बाहर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को मैदान में फेंक दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. कई लोग बोरे में भरकर मीटर लेकर आए और गुस्से में उन्हें पटकते नजर आए. विरोध इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इसके बाद ग्रामीण और महिलाएं धरने पर बैठ गए और बिजली विभाग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करते रहे. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया.

क्यों भड़का स्मार्ट मीटर को लेकर आक्रोश?

ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर जरूरत से ज्यादा तेज चल रहे हैं, जिससे कम बिजली इस्तेमाल करने के बावजूद भारी भरकम बिल आ रहा है. लोगों का कहना है कि कई बार बिना उपयोग के भी बैलेंस कम हो जाता है. इतना ही नहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बैलेंस माइनस होते ही बिजली सप्लाई तुरंत काट दी जाती है और रिचार्ज करने के बाद भी कई बार सप्लाई बहाल नहीं होती. इससे गांवों में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए गए थे कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 30 दिन तक और 2 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 200 रुपये माइनस होने के बावजूद बिजली नहीं काटी जाएगी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा.

गरीब, किसान और मजदूर कैसे भरेंगे इतना बिल

प्रधान पति गंभीर सिंह चाहर ने बताया कि उनके इलाके में बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाए हैं, लेकिन इसके बाद से लोगों को गलत और ज्यादा बिल आने लगे हैं. उन्होंने कहा कि यहां ज्यादातर गरीब, किसान और मजदूर रहते हैं, जिनके लिए हर महीने बिल भरना आसान नहीं है. मौके पर जाकर उन्होंने देखा कि लोग सच में काफी परेशान हैं. प्रदर्शन में शामिल ममता चौधरी ने भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद लोगों पर भारी बिल का बोझ आ गया है. कई परिवार ऐसे हैं, जहां कमाने वाला कोई नहीं है, फिर भी 10-15 हजार रुपये तक के बिल आ रहे हैं.  उन्होंने मांग की कि इन स्मार्ट मीटरों को हटाया जाए.

शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो होगा विरोध प्रदर्शन

स्थानीय लोगों का कहना है कि घर में बिजली कम इस्तेमाल होती है, लेकिन मीटर का बैलेंस बहुत जल्दी खत्म हो जाता है. मजबूरी में कुछ लोगों को मीटर तक हटाना पड़ा. अकोला के जगदीश प्रसाद हवलदार ने बताया कि वे समय पर बिजली बिल भरते हैं, फिर भी उनका कनेक्शन काट दिया जाता है. उन्होंने कहा कि 23 तारीख को बिल जमा करने के तुरंत बाद ही उनकी बिजली काट दी गई, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई. उनके अनुसार, इस समस्या से सिर्फ वे ही नहीं, बल्कि इलाके के कई लोग परेशान हैं. अकोला में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. अगर जल्द ही इन शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

इस मामले पर एसडीओ हिमांशु गुप्ता ने बताया कि लोगों ने इस समस्या को लेकर धरना दिया था और स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदलने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लोगों का ज्ञापन मिल गया है और इसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है. (अरविंद शर्मा की रिपोर्ट)

MORE NEWS

Read more!