आम उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर जोर, ICAR प्रमुख ने उद्यमियों से मांगे सुझाव

आम उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर जोर, ICAR प्रमुख ने उद्यमियों से मांगे सुझाव

डॉ. एम.एल. जाट ने संस्थान में चल रहे वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की और वैज्ञानिकों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य के शोध कार्यों पर जोर देने की सलाह दी. उन्होंने उद्यमियों और किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करें.

डॉ. एम.एल. जाटडॉ. एम.एल. जाट
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 25, 2026,
  • Updated Apr 25, 2026, 6:14 PM IST

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने 25 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान का दौरा किया. उनके साथ उप-महानिदेशक (शिक्षा) डॉ. जे.के. जेना भी मौजूद रहे. संस्थान के निदेशक डॉ. टी. दामोदरन ने उनका स्वागत किया और पूरा परिसर घुमाया. दौरे के दौरान दोनों अधिकारियों ने संस्थान के रायबरेली रोड परिसर में आम की नई किस्म ‘अवध-अभया’ का पौधा लगाया. यह किस्म हाल ही में किसानों के लिए जारी की गई है.

किसानों के लिए तैयार हो रहा जैविक खाद

इसके बाद उन्होंने जैव-नियंत्रण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया, जहां किसानों के लिए बड़े पैमाने पर जैविक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. इनमें फ्यूजीकॉन्ट, ग्रो श्योर, ट्राइकोडर्मा हर्जियानम और बेवैरिया बैसियाना जैसे उत्पाद शामिल हैं. इनका वितरण ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ कार्यक्रम के तहत किसानों तक किया जा रहा है.

रासायनिक उर्वरकों का कम करें इस्तेमाल

डॉ. एम.एल. जाट ने संस्थान में चल रहे वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की और वैज्ञानिकों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य के शोध कार्यों पर जोर देने की सलाह दी. उन्होंने उद्यमियों और किसानों से कहा कि फसल उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करें और जैविक और सूक्ष्मजीव आधारित उत्पादों का ज्यादा उपयोग करें, ताकि बेहतर और स्वस्थ फल पैदा किए जा सकें. 

डॉ. एम.एल. जाट ने उद्यमियों से पूछे सुझाव 

इस मौके पर संस्थान से जुड़े उद्यमियों के साथ एक संवाद बैठक भी आयोजित की गई. इस दौरान डॉ. एम.एल. जाट ने उद्यमियों से पूछा कि किसानों के हित में और क्या किया जा सकता है. अवध आम उत्पादक संघ के उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान किसानों को गुणवत्तापूर्ण आम उत्पादन और निर्यात में सहयोग दे रहा है. उन्होंने पुराने और कम उत्पादन देने वाले आम के पेड़ों के कैनोपी प्रबंधन में मदद की मांग की, ताकि निर्यात बढ़ सके.

क्वालिटी वाले आमों के लिए लगे प्रोसेसिंग यूनिट  

प्रगतिशील किसान राज कुमार सिंह ने कम क्वालिटी वाले आमों के बेहतर उपयोग के लिए प्रसंस्करण उद्योग लगाने की जरूरत बताई. बैठक में किसान उत्पादक कंपनी, मेटाएग्रो प्राइवेट लिमिटेड, न्यूट्री ड्राई प्राइवेट लिमिटेड, ICICI फाउंडेशन, मशरूम इनक्यूबेटी और अन्य कई कंपनियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. बैठक के अंत में डॉ. एम.एल. जाट ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सीधे और सरकारी स्तर पर आगे बढ़ाकर हरसंभव मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. 

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