आपदा पीड़ितों के लिए हिमाचल सरकार का बड़ा ऐलान, घरों के नुकसान और फसल बर्बादी पर मिलेगा मुआवजा

आपदा पीड़ितों के लिए हिमाचल सरकार का बड़ा ऐलान, घरों के नुकसान और फसल बर्बादी पर मिलेगा मुआवजा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि पूरी तरह नष्ट हुए घरों, फसल और पशुधन के नुकसान पर मुआवजा मिलेगा.  

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खूमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 27, 2026,
  • Updated Jul 27, 2026, 4:26 PM IST

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कांगड़ा जिले की बोह घाटी में हाल ही में बादल फटने की घटना से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आपदा से प्रभावित हर परिवार की हर संभव मदद करेगी. CM ने बोह के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने वहां रह रहे परिवारों और किसानों से बातचीत की और अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें इस आपदा में खराब हुई हैं, उन्हें 5,000 रुपये प्रति कनाल की दर से मुआवजा दिया जाएगा. इससे प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी. CM ने पशुपालकों के लिए भी राहत पैकेज की घोषणा की. उन्होंने बताया कि जिन परिवारों की गाय या भैंस इस आपदा में मारी गई है, उन्हें प्रति पशु 55,000 रुपये का मुआवजा मिलेगा. वहीं, बकरी के मरने पर 15,000 रुपये प्रति बकरी की सहायता दी जाएगी.

तबाह घरों के लिए ₹7.5 लाख की सहायता

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन परिवारों के घर इस प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें नया घर बनाने के लिए 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, घर में इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजें जैसे कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू सामान खरीदने के लिए 1 लाख रुपये अलग से दिए जाएंगे. वहीं, CM सुक्खू ने कहा कि जिन परिवारों के पास नया घर बनाने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें आवश्यकता पड़ने पर सरकारी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे दोबारा अपना घर बना सकें. इसके अलावा, जिन परिवारों के घर बाढ़ या पानी घुसने से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें 1 लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी. वहीं, जिन दुकानदारों की दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें नुकसान के आधार पर 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

सरकार ने हर संभव मदद का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस दौरान रिडकमार प्राइमरी हेल्थ सेंटर को कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में अपग्रेड करने की घोषणा भी की. इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और आपदा के बाद चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी. CM ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाएगी ताकि प्रभावित परिवार और किसान जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सहायता राशि और राहत सामग्री समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाई जाए. (PTI)

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