
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य में बाढ़ से प्रभावित 8.27 लाख परिवारों के बैंक खातों में राहत के तौर पर 579.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. अधिकारियों ने बताया कि राहत सहायता के तहत हर परिवार को 7,000 रुपये दिए गए. उन्होंने बताया कि पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में 15 जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को यह राशि ट्रांसफर की गई.
आपदा प्रबंधन विभाग के एक बयान के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में हुई भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ से लगभग 49.72 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. चौधरी ने प्रभावित जिलों के डीएम को यह भी निर्देश दिया कि वे बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे से पहले बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय टीम बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य का दौरा करेगी. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
हालांकि, सीएम चौधरी ने यह नहीं बताया कि कृषि मंत्री की टीम राज्य में कब आएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार कोशिशें कर रही है.
मुख्यमंत्री ने नदियों के संरक्षण, बेहतर जल प्रबंधन और बाढ़ को रोकने के लिए लंबे समय तक चलने वाले उपायों की जरूरत पर भी जोर दिया.
इस साल राज्य के 15 जिलों – पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया – में लगभग 49.67 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सितंबर में अब तक 112.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग छह प्रतिशत ज्यादा है.
सोमवार शाम 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी 36.19 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर था.
कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में और घाघरा दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.
प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1,248 कम्युनिटी किचन और 13 राहत कैंप चला रहा है.
प्रशासन ने बताया कि लगभग 11,508 लोगों के लिए रहने, खाने, मेडिकल सुविधा और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि वाल्मीकि नगर में गंडक नदी पर बने बैराज से सोमवार शाम 4 बजे 1,09,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और पानी का स्तर बढ़ रहा है.
बीरपुर में कोसी बैराज से 1,63,315 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि इस साल 20 जुलाई को सबसे अधिक 2,55,425 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था.
राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए अलग-अलग जिलों में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की 27 टीमें और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की 10 टीमें तैनात की गई हैं.
इस बीच, बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के मामले में राज्य के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया.
X पर एक पोस्ट में यादव ने आरोप लगाया कि गुजरात को मामूली बाढ़ के बाद भी अच्छी-खासी मदद मिलती है, जबकि बिहार में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, मवेशी लापता हुए हैं, हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है और लगभग 45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
उन्होंने कहा कि न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के लिए किसी राहत की घोषणा की है.(PTI)