
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए अधिकारियों को अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अल नीनो की वजह से बारिश और पानी की कमी हो सकती है, जिससे फसलों का उत्पादन घट सकता है और जरूरी चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. ऐसे में किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत देने के लिए पहले से कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने ये बात जिला कलेक्टरों के आठवें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अल नीनो का असर किसानों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कहा कि अल नीनो से पैदा होने वाली स्थिति से निपटना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को किसानों की फसल बचाने और जरूरी चीजों की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए मिलकर काम करने को कहा. CM नायडू ने कहा कि अगर पानी की कमी के कारण फसल का उत्पादन कम होता है, तो बाजार में सब्जियों, अनाज और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं, इसलिए सरकार को पहले से ऐसी फसलों की पहचान करनी चाहिए, जिनकी आगे ज्यादा मांग रहने की संभावना है. उन्होंने किसानों को ऐसी फसलों की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं.
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों से कहा कि उन फसलों की सूची तैयार की जाए, जिन्हें फसल बीमा के दायरे में शामिल किया गया है. किसानों को भी फसल बीमा कराने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं. सीएम नायडू ने कहा कि अगर अल नीनो की वजह से किसानों की फसल खराब होती है, तो उन्हें बीमा का मुआवजा मिलना चाहिए. इसके लिए अधिकारियों को पहले से जरूरी तैयारी करने को कहा गया है.
अल नीनो के दौरान पानी की कमी की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पीने के पानी और पशुओं के चारे की उपलब्धता तय करने के लिए भी पहले से तैयारी करने को कहा है. उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं को सूखे से बचाव के लिए बेहद जरूरी बताया. नायडू ने कहा कि गंभीर अल नीनो की स्थिति में भी पट्टिसीमा परियोजना के पानी से कृष्णा डेल्टा में खेती के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है. फिलहाल पट्टिसीमा से 8,100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें करीब 6,700 क्यूसेक पानी विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज तक पहुंच रहा है. इस सीजन में अब तक पट्टिसीमा परियोजना से 39.5 टीएमसी गोदावरी का पानी कृष्णा डेल्टा की ओर भेजा जा चुका है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य की 36 प्राथमिकता वाली सिंचाई परियोजनाओं को अगले तीन साल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से राज्य को सूखे जैसी स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी और किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा. इसके अलावा गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना और जल जीवन मिशन के जरिए लोगों तक पाइप से पानी पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है. उन्होंने भूजल स्तर बढ़ाने के लिए अलग-अलग जल क्षेत्रों को आपस में जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.
CM नायडू ने कहा कि वह खुद हर हफ्ते अल नीनो की स्थिति की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर जमीन पर जाकर हालात का जायजा भी लेंगे. उन्होंने मंत्रियों, कलेक्टरों और जनप्रतिनिधियों से भी गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करने को कहा है. इसके साथ ही किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए रायथू बाजारों को पूरी तरह सक्रिय करने और केंद्र सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली फसलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं. नायडू ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए इस महीने ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब की आधारशिला रखने की भी जानकारी दी. सरकार का फोकस फिलहाल अल नीनो के संभावित असर से किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को बचाने के लिए पहले से तैयारी करने पर है. (PTI)