बीते दिनों भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू कियाअसम में बाढ़ की स्थिति शनिवार को भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी. कुछ इलाकों में पानी का स्तर घटना शुरू हुआ है, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का असर अभी भी गंभीर बना हुआ है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है. वहीं, राज्य के 9 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ से जुड़े हादसों में 14 लोगों की जान गई.
इनमें चराइदेव जिले में सात लोगों की डूबने से मौत हुई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं. शिवसागर जिले में छह लोगों की जान गई, जबकि जोरहाट जिले में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई. इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है.
बाढ़ से प्रभावित जिलों में शिवसागर सबसे ऊपर है, जहां लगभग 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इसके बाद चराइदेव में करीब 1.9 लाख और जोरहाट में 1.3 लाख से अधिक लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. इसके अलावा धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, कार्बी आंगलोंग और नगांव जिले भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं. हालांकि, गुरुवार की तुलना में प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्वीकार किया कि अब भी लगभग 80 हजार बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है. उन्होंने बताया कि शिवसागर और नाजिरा क्षेत्र के कई गांव अब भी जलमग्न हैं, जहां पहुंचना बेहद कठिन बना हुआ है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन लगातार राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कई इलाके अब भी पूरी तरह कटे हुए हैं.
भारतीय जनता पार्टी के विधायक मयूर बोर्गोहैन ने शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र की स्थिति को बेहद गंभीर बताया. समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों तक सरकारी राहत दल अब तक नहीं पहुंच सके हैं. करीब 30 प्रतिशत प्रभावित आबादी अभी भी राहत सामग्री का इंतजार कर रही है.
ASDMA के अनुसार, राज्य के 856 गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. बाढ़ के कारण 56,606.78 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है. कई जिलों में सड़कें, पुल, तटबंध और अन्य सार्वजनिक ढांचा भी क्षतिग्रस्त हुआ है. साथ ही 3.34 लाख से अधिक पालतू पशु और पोल्ट्री भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
राज्य सरकार ने सात जिलों में 363 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं. इन शिविरों में फिलहाल 1,15,205 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है. सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन और आपातकालीन सेवा, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर जोरहाट और शिवसागर सहित विभिन्न इलाकों से करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है.
वहीं, प्रशासन ने पिछले 24 घंटों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच 2,109.84 क्विंटल चावल, 383.93 क्विंटल दाल, 129.91 क्विंटल नमक और 9,646.08 लीटर सरसों का तेल बांटा है. दूसरी ओर, शिवसागर में दिखौ नदी, नंगलामुराघाट और नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में लोगों की चिंता बनी हुई है. (पीटीआई)
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