तहसील में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, किसान से 10 हजार घूस रंगे हाथ पकड़ाया 'एजेंट'

तहसील में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, किसान से 10 हजार घूस रंगे हाथ पकड़ाया 'एजेंट'

उत्तर प्रदेश के बड़ौत तहसील में एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार के दफ्तर में तैनात एक प्राइवेट पेशकार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.

तहसील में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़तहसील में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़
क‍िसान तक
  • Baghpat,
  • Feb 07, 2026,
  • Updated Feb 07, 2026, 1:26 PM IST

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की बड़ौत तहसील में एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. दरअसल, बड़ौत तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार के दफ्तर में तैनात एक प्राइवेट पेशकार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगों हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान प्रमोद के रूप में हुई है, जो नायब तहसीलदार अतुल रघुवंशी के साथ बतौर प्राइवेट पेशकार के तौर पर काम कर रहा था.

किसान से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग

दरअसल, मामला जीवाना गुलियान गांव निवासी किसान सोनू सोलंकी से जुड़ा है. किसान सोनू ने तीन साल पहले 4 बीघा जमीन खरीदी थी, लेकिन उसकी दाखिल-खारिज की फाइल नायब तहसीलदार की कोर्ट में पिछले तीन साल से धूल फांक रही थी. किसान के मुताबिक, फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर प्राइवेट पेशकार प्रमोद लगातार उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था और बार-बार परेशान कर रहा था.

एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा

किसान सोनू ने जब रिश्वत देने से इनकार कर दिया तो काम जानबूझकर और लटकाया गया. मजबूर होकर सोनू सोलंकी ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी. फिर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया, और तय योजना के तहत जैसे ही तहसील परिसर में प्राइवेट पेशकार प्रमोद ने किसान से रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए, पहले से मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज

वहीं, एंटी करप्शन टीम की ओर से अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी प्रमोद को बड़ौत कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.

तीन साल से किसान की अटकी थी फाइल

शिकायतकर्ता किसान सोनू सोलंकी ने कहा कि मैंने जमीन खरीदी थी, लेकिन दाखिल-खारिज की फाइल तीन साल से नायब तहसीलदार की कोर्ट में अटकी थी. उनका प्राइवेट पेशकार 10 हजार रुपये मांग रहा था. परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की, जिसके बाद उसे रंगेहाथ पकड़ लिया गया है, जिससे वो बहुत खुश है. (मनुदेव की रिपोर्ट)

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