Dog Bite Case: न हमला करेंगे और न काटेंगे कुत्ते, गर्मियों में जरूर करें ये काम 

Dog Bite Case: न हमला करेंगे और न काटेंगे कुत्ते, गर्मियों में जरूर करें ये काम 

Dog Bite Case एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गर्मियों में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं. गर्मी से परेशान कुत्ते बच्चे और बड़ों सभी पर अटैक करना शुरू कर देते हैं. एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक अगर हम छोटे-छोटे तीन-चार काम कर लें तो गली के कुत्ते कभी नहीं काटेंगे. खासतौर पर गर्मी के मौसम में उन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 19, 2026,
  • Updated May 19, 2026, 1:07 PM IST

कुत्तों के एक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डॉग लवर्स और एनजीओ की कुछ याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट का तर्क है कि कुत्तों के हमले और काटने के मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने बस अड्डे, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल से कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं. इसी के खिलाफ डॉग लवर्स और एनजीओ कोर्ट गए थे. लेकिन डॉग एक्सपर्ट की मानें तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है. खासतौर से गर्मी के मौसम में कुत्तों द्वारा काटने और हमला करने की शि‍कायतें ज्यादा सामने आती हैं. 

लेकिन ऐसे वक्त में कुत्तों पर गुस्सा करने और झुंझलाहट दिखाने के बजाए और कुछ खास काम किए जाएं तो वो काटेंगे और हमला नहीं करेंगे. क्योंकि गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान का असर जानवरों पर भी होता है. बहुत सारे ऐसे जानवर हैं जो आक्रामक हो जाते हैं. स्ट्रींट डॉग (गली का कुत्ता) भी उसमे से एक है. आंकड़े बताते हैं कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है तो डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की घटनाएं बढ़ जाती हैं. 

गर्मियों में बढ़ते हैं कुत्तों के हमले 

डॉग स्पेशलिस्ट और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (गडवासु), लुधियाना में डॉग डिपार्टमेंट के मेडिसिन हैड डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा की मानें तो खासतौर पर गर्मी के इस मौसम में कुत्ते  बहुत आक्रामक हो जाते हैं. उसकी वजह ये है कि 40 से 45 डिग्री तापमान होने पर उनकी यह गर्मी और बढ़ जाती है. इंसानों की तरह से कुत्तों की गर्मी पसीने की तरह से नहीं निकलती है. मुंह के रास्ते ली जाने वाली सांस से वो अपने शरीर की गर्मी को मेंटेन करते हैं. जब गर्मी बहुत बढ़ जाती है तो ऐसा करने में उन्हें बहुत तकलीफ होती है. इसके चलते उनके अंदर चिढ़-चिढ़ापन आ जाता है. 

गर्मियों में जरूर करें ये काम 

डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा ने बताया कि गर्मियों के दौरान आसपास घने पेड़ न होने के चलते कुत्तोंक को छांव भी नहीं मिल पाती है. घर के आसपास ठंडी जगह में हम उन्हें बैठने नहीं देते हैं. कार के नीचे बैठें तो हम उन्हें मारने लगते हैं. ऐसे वक्त न तो उन्हें खाना ही मिल पाता है और ना ही पानी. ऐसा भी नहीं होता है कि कोई उनके बदन पर पानी डाल दे तो उन्हें कुछ राहत मिले. जागरुकता की कमी के चलते लोग गली के कुत्तों की परेशानी को समझ नहीं पाते हैं.

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