30 दिन में किसानों की शिकायत नहीं सुलझी तो सस्पेंशन तय, बिहार सरकार का सख्त फरमान

30 दिन में किसानों की शिकायत नहीं सुलझी तो सस्पेंशन तय, बिहार सरकार का सख्त फरमान

बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है, जहां लोगों की शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाएगा. इस योजना में 19 विभागों के अधिकारी मौके पर ही सुनवाई करेंगे.

Bihar Sahyog ShivirBihar Sahyog Shivir
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • पटना,
  • May 19, 2026,
  • Updated May 19, 2026, 12:15 PM IST

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में बनी नई एनडीए सरकार अब लोगों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर करने जा रही है. वहीं अब लोगों को अपनी समस्याओं के लिए जिला और ब्लॉक के दफ्तर में भटकना न पड़े, इसको लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग पंचायत सोनपुर से की. इस शिविर में  अलग-अलग विभागों के नोडल अधिकारी प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई करेंगे और तेजी से समाधान भी करेंगे. वहीं, इस सहयोग शिविर में केसीसी से लेकर भूमि से जुड़े विवाद सहित अन्य मामलों के आवेदन लिए जाएंगे.

पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर शुरू

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर सहयोग शिविर शुरू करने की बात कही थी, जिसके बाद 19 मई से सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है. हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत सरकार भवन या उसके नजदीक किसी सार्वजनिक स्थान पर सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा. वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि किसी भी जनसमस्या का निपटारा इस सहयोग शिविर के जरिए 30 दिनों के अंदर करना अनिवार्य है. अगर किसी तरह की गलती या समस्याओं के निपटारे में अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही की जाती है, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.

सहयोग शिविर में क्या होगा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिशा-निर्देश के बाद पंचायत स्तर पर शुरू किए गए सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग विभागों के नोडल पदाधिकारी प्राप्त आवेदनों के अनुसार सुनवाई करेंगे. वहीं, जन शिकायतों के निपटारे में अगर किसी तरह की अड़चन आती है, तो पदाधिकारी आवेदक को समस्या समाधान के लिए लिखित रूप में अगली तारीख निर्धारित कर उसकी सूचना देंगे. सहयोग शिविर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए लोग सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन कर सकते हैं.

जिला पदाधिकारी रखेंगे शिविर पर नजर

पंचायत स्तर पर लगने वाले सहयोग शिविर में जन शिकायतों का निपटारा किया जाएगा. यह कार्यक्रम पंचायत में पहले से चल रहे सोमवार और शुक्रवार के कार्यक्रम से अलग होगा और महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाएगा. वहीं, ग्राम पंचायतों में शिविर की संख्या क्रमवार निर्धारित करने की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी को दी गई है. शिविर में फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों के लिए पीने का पानी, शौचालय और सम्मानपूर्वक बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

30 दिनों में जन शिकायतों का निपटारा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार संबंधित विभाग को जन शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के अंदर करना होगा. अगर किसी कारण से देर होती है, तो फरियादी के शिविर में पहुंचने पर इसकी लिखित सूचना देनी होगी. मिलने वाले आवेदनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग ऑनलाइन सिस्टम के जरिए मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर पर निगरानी की जाएगी. वही मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से शिकायत से जुड़े संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस 10 दिन, दूसरा  नोटिस 20 दिन पर और 25वें दिन तीसरा नोटिस  दिया जाएगा. अगर 30 दिनों के अंदर समस्या का निपटारा अधिकारी द्वारा नहीं किया जाता है तो 31वें दिन उस अधिकारी को अपने आप निलंबित कर दिया जाएगा. इसके लिए सहयोग पोर्टल का सहारा लिया जाएगा. लोगों की समस्याओं के समाधान में अनियमितता बरतने वाले पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इन समस्याओं से जुड़े आवेदन लिए जाएंगे

महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगने वाले हर सहयोग शिविर में 19 विभागों के काउंटर और स्टॉल लगाए जाएंगे. इनमें राशन, पेंशन, आवास, मनरेगा, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित किसी भी सरकारी योजना से संबंधित समस्या, शिकायत और सुझावों का निपटारा किया जाएगा. वहीं, शिविर चलाने की व्यवस्था और जरूरी कार्रवाई संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने स्तर से करेंगे.

सभी सहयोग शिविरों में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारी स्तर के पदाधिकारी अपने कोर्ट में लंबित और निपटाए गए केस और मामलों की सूची सार्वजनिक करेंगे, जिससे वहां उपस्थित लोगों को लंबित और निष्पादित मामलों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके.

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