दलहन किसानों को बड़ा झटका! हजारों मंडियों में MSP से नीचे बिकी उपज, अब सरकारी खरीद से उम्‍मीद

दलहन किसानों को बड़ा झटका! हजारों मंडियों में MSP से नीचे बिकी उपज, अब सरकारी खरीद से उम्‍मीद

Pulses Price: देशभर में 1 से 19 मार्च के बीच बड़ी संख्‍या में मंडियों में चना, तुअर, मूंग और अन्य दालों के दाम MSP से नीचे दर्ज किए गए. कुछ चुनिंदा बाजारों को छोड़ दें तो किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाया, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है.

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प्रतीक जैन
  • Noida,
  • Mar 21, 2026,
  • Updated Mar 21, 2026, 4:04 PM IST

देशभर में दलहन किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है और बाजार का रुख MSP से नीचे बना हुआ है. 1 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 के बीच कई राज्यों की हजारों मंडि‍यों में तुअर, चना, उड़द, मूंग और मसूर जैसी प्रमुख दालों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे दर्ज किया गया. एगमार्कनेट पोर्टल पर उपलब्‍ध डेटा रिपार्ट के अनुसार, चना और तुअर (अरहर) सबसे ज्यादा दबाव में हैं. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे बड़े उत्पादन राज्यों में चना की सैकड़ों मंडियों में कीमत MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे रही. इसी तरह तुअर, जिसका MSP 8,000 रुपये क्विंटल है, वह भी बड़ी संख्या में मंडियों में इस स्तर से नीचे कारोबार करती दिखी.

मसूर और मूंग फसल पर भी दबाव

मसूर, जिसका MSP 7,000 रुपये क्विंटल तय है, मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में मंडियों में MSP से नीचे बिकती रही. मूंग (MSP ₹8,682) और उड़द (MSP ₹7,800) में भी कई राज्यों में दबाव दिखा, हालांकि इनका असर कुछ हद तक क्षेत्रीय रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, समस्या सिर्फ एक फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दलहन सेक्टर में कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

MSP से ऊपर के सौदे बेहद सीमित

जहां एक तरफ हजारों मंडियों में कीमतें MSP से नीचे रहीं, वहीं दूसरी ओर MSP से ऊपर का कारोबार बेहद सीमित रहा. कुछ ही चुनिंदा मंडियों - खासकर कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ बाजारों में दालों के भाव MSP से ऊपर पहुंचे. यह संख्या कुल बाजार के मुकाबले बहुत कम है, जिससे साफ है कि किसानों को बेहतर कीमत मिलना बहुत ही दुर्लभ हो गया है. 

सरकार खरीद से मिलेगी राहत

हालांकि, सरकार ने Price Support Scheme (PSS) के तहत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों में दालों की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है. यही राज्य MSP से नीचे ट्रेडिंग वाले भी हैं. इससे साफ है कि सरकारी खरीद की जरूरत उन्हीं इलाकों में सबसे ज्यादा है.

किसानों के लिए क्‍या अपडेट?

मौजूदा स्थिति किसानों के लिए चिंताजनक है. दलहन बाजार इस समय दबाव में है और MSP का लाभ व्यापक स्तर पर किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है. आने वाले समय में सरकारी खरीद की गति और बाजार संतुलन ही तय करेंगे कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल पाता है या नहीं. बता दें कि शुक्रवार को ही केंद्रीय कृषि‍ मंत्री सिंह चौहान ने दालों की खरीद को लेकर बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि गेहूं और धान की खरीदी जल्‍द शुरू होगी. साथ ही तुअर, मसूर और उड़द की भी पूरी खरीदी की जाएगी.

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