MSP की गारंटी कहां? किसानों को नहीं मिल रहा मेहनत का पूरा दाम, कई फसलों के भाव में भारी गिरावट

MSP की गारंटी कहां? किसानों को नहीं मिल रहा मेहनत का पूरा दाम, कई फसलों के भाव में भारी गिरावट

देश की कई प्रमुख फसलों के किसानों को अपनी उपज का MSP के बराबर दाम नहीं मिल रहा है. ताजा मंडी आंकड़ों के अनुसार, कई फसलों के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चल रहे हैं. ऐसे में किसानों की आमदनी पर असर पड़ रहा है.  

कई फसलों के दाम MSP से नीचे कई फसलों के दाम MSP से नीचे
संदीप कुमार
  • Noida,
  • Jul 11, 2026,
  • Updated Jul 11, 2026, 12:12 PM IST

क्या किसानों को उनकी फसल की सही कीमत मिल रही है, या फिर मेहनत का पूरा फल अब भी अधूरा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि ताजा सरकारी आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. दरअसल, 6 जुलाई 2026 तक के अखिल भारतीय मंडी थोक मूल्य (All India Mandi Wholesale Prices) के अनुसार, देश की कई प्रमुख फसलों के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से नीचे चल रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा गिरावट रागी, मूंग और बाजरा जैसी फसलों में देखने को मिली है. ऐसे में किसानों को अपनी उपज का वाजिब दाम नहीं मिल रहा, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है और उनकी चिंता बढ़ गई है. आइए जानते हैं कि आखिर किस फसल का बाजार भाव कितना है और MSP के मुकाबले किसानों को कितना कम दाम मिल रहा है

रागी, मूंग और बाजरा के दाम MSP से नीचे

ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक गिरावट रागी के भाव में दर्ज की गई है. सरकार की ओर से रागी का MSP 4,886 रुपये प्रति क्विंटल तय की है, जबकि मंडियों में इसका औसत थोक भाव केवल 3,293 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. यानी किसानों को MSP से 1,593 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत मिल रही है, जो 32.60 प्रतिशत की गिरावट है. इसके सरकार ने मूंग का MSP 8,768 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन मंडियों में इसका औसत भाव 6,641 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है. यानी किसानों को 2,127 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं. इसी तरह बाजरा का MSP 2,775 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 2,212 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है. यह MSP से 563 रुपये कम यानी 20.29 प्रतिशत की गिरावट है.

गेहूं-चना और मक्का भी MSP से नीचे

मक्का का MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडी में इसका औसत भाव 1,982 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. यानी किसान 418 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर है. यही हाल अरहर (तूर) का MSP 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि मंडियों में इसका भाव 7,462 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. देश की प्रमुख रबी फसल गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है, लेकिन औसत मंडी भाव 2,507 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है. यानी किसानों को 78 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं, जो 3.02 प्रतिशत की गिरावट है. इसी तरह चना का MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि किसानों को मंडियों में इसका औसत भाव 5,618 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहा है.

तिलहन में भी MSP से कम कीमत

इसके अलावा तिलहन की फसल मूंगफली का MSP 7,263 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडियों में इसका औसत भाव 7,096 रुपये प्रति क्विंटल है. यानी किसानों को 167 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर फसल बेचना पड़ रहा है.  वहीं, सूरजमुखी का MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि औसत मंडी भाव 7,611 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है.

किसानों के लिए चिंता का विषय

मंडी के ये आंकड़े बताते हैं कि कई प्रमुख फसलों के किसानों को फिलहाल MSP के बराबर कीमत नहीं मिल रही है. ऐसे में  यदि बाजार भाव लंबे समय तक MSP से नीचे बने रहते हैं, तो किसानों की कमाई पर बुरा असर पड़ेगा, इसलिए सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और MSP पर अधिक प्रभावी खरीद तय करने की आवश्यकता होगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके.

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