
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार खरीफ सीजन में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. खेती की शुरुआत में किसानों को संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार ने अग्रिम कृषि सहायता और कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की है. इसी क्रम में रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 79 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से 82.19 करोड़ रुपये की अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ ही किसानों को 31.28 करोड़ रुपये मूल्य के खाद एवं बीज भी वितरित किए गए हैं. इस तरह जिले के किसानों तक अब तक 113.47 करोड़ रुपये की सहायता पहुंच चुकी है.
सरकार की इस पहल से किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू करने में मदद मिली है और जिले में खेती-किसानी की गतिविधियों ने तेजी पकड़ ली है.
रायगढ़ जिले के सभी विकासखंडों में किसानों को समान रूप से सहायता उपलब्ध कराई गई है. रायगढ़ विकासखंड की 14 समितियों के माध्यम से 6,113 किसान, पुसौर की 15 समितियों से 6,487 किसान, खरसिया की 12 समितियों से 8,575 किसान, धरमजयगढ़ की 15 समितियों से 4,898 किसान, घरघोड़ा की 5 समितियों से 1,432 किसान, तमनार की 10 समितियों से 3,228 किसान तथा लैलूंगा की 8 समितियों से 2,284 किसानों को अग्रिम कृषि सहायता प्रदान की गई है. इससे किसानों को समय पर खेती शुरू करने के लिए जरूरी आर्थिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं.
खरीफ सीजन में खाद की कमी न हो, इसके लिए जिले की सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है.विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 22,668 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया, जिनमें से अब तक 18,641 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है.यह कुल लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है.
अब तक किसानों को 10,718 मीट्रिक टन यूरिया, 2,342 मीट्रिक टन डीएपी, 2,430 मीट्रिक टन एनपीके, 795 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2,356 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया जा चुका है. सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप खाद की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.
पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश के बाद जिले में खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो गई हैं.समय पर मिली अग्रिम कृषि सहायता, खाद और बीज की उपलब्धता से किसानों को खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है.जिलेभर में धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से जारी है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुटे हुए हैं.
सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता का सकारात्मक असर खेती पर दिखाई दे रहा है. अनुकूल मौसम और पर्याप्त संसाधनों के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है. इससे न केवल खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिली है, बल्कि इस वर्ष बेहतर उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है.
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