
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है.सीहोर जिले के भेरूंदा में रविवार को एक दर्जन से अधिक किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया.करीब 2 हजार ट्रैक्टरों और 10 हजार से अधिक किसानों की मौजूदगी में हुए इस आंदोलन में किसानों ने सरकार से मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग की.किसानों का आरोप है कि सरकार इस बार केवल 25 प्रतिशत मूंग की खरीदी कर रही है, जिससे प्रदेश के लाखों किसान प्रभावित हो रहे हैं.
किसानों का कहना है कि वर्ष 2025-26 में सरकार ने किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदी थी, लेकिन इस बार केवल 25 प्रतिशत खरीदी का फैसला समझ से परे है.इससे किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचने की मजबूरी पैदा हो रही है.
किसान स्वराज संगठन के संयोजक देवेंद्र जाट ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार किसानों की 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 9 जुलाई को इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
देवेंद्र जाट ने कहा कि 9 जुलाई को किसान भोपाल-नागपुर हाईवे जाम करेंगे और उसके बाद राजधानी भोपाल पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे. उनका कहना था कि सरकार को किसानों का एक-एक दाना मूंग खरीदना ही पड़ेगा और मनमानी नहीं चलने दी जाएगी.
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने सरकार की ई-टोकन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. किसानों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज समय पर बेच नहीं पा रहे हैं.प्रदर्शन में शामिल कई किसानों ने 'किसान तक' से बातचीत में कहा कि ई-टोकन प्रणाली को समाप्त कर सभी किसानों की उपज की बिना भेदभाव खरीदी सुनिश्चित की जाए.
भेरूंदा में आंदोलन के दौरान किसानों ने केवल रैली और प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि ट्रैक्टरों के साथ मुख्य सड़क और चौराहे पर बैठकर धरना भी दिया.प्रदर्शनकारी किसानों ने वहीं सड़क पर भोजन बनाना भी शुरू कर दिया.किसानों का कहना था कि जब तक प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर उनकी मांगों पर चर्चा नहीं करेगा, तब तक वे सड़क नहीं छोड़ेंगे और आंदोलन जारी रहेगा.
मध्य प्रदेश में 1 जुलाई से शुरू हुई मूंग खरीदी के बीच किसानों का यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है. यदि किसानों की मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो 9 जुलाई को प्रस्तावित हाईवे जाम और विधानसभा घेराव से आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है. किसानों की प्रमुख मांग है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 100 प्रतिशत मूंग खरीदी सुनिश्चित की जाए और ई-टोकन जैसी व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए.