IFFCO की 55वीं AGM में महिलाओं का सम्मान, कर्मचारियों के लिए इतनी न्यूनतम मासिक वेतन का ऐलान

IFFCO की 55वीं AGM में महिलाओं का सम्मान, कर्मचारियों के लिए इतनी न्यूनतम मासिक वेतन का ऐलान

इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) की 55वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया. इस दौरान IFFCO ने सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को सम्मानित करते हुए पहली बार दोनों प्रमुख IFFCO सहकारिता पुरस्कार महिला सहकारिता नेताओं को प्रदान किए.

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क‍िसान तक
  • नई दिल्ली,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 8:10 PM IST

इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) की 55वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) नई दिल्ली में आयोजित की गई. इस अवसर पर IFFCO ने सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व को विशेष सम्मान देते हुए पहली बार अपने दोनों प्रतिष्ठित सहकारिता पुरस्कार महिला सहकारिता नेताओं को प्रदान किए. कार्यक्रम में देशभर से 850 से अधिक सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, किसान नेता और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारक शामिल हुए. इस दौरान IFFCO के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025-26 को "महिला किसान वर्ष" घोषित किया गया है. ऐसे समय में सहकारिता आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि IFFCO महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए लगातार काम कर रहा है.

शकीला अख्तर और भावना गोंडालिया को सम्मान

55वीं AGM के दौरान जम्मू-कश्मीर की शकीला अख्तर को वर्ष 2024-25 का IFFCO सहकारिता रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया. उन्हें सहकारिता आंदोलन और महिला किसानों को सशक्त बनाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया. इस पुरस्कार के साथ उन्हें 11 लाख रुपये की सम्मान राशि भी दी गई. वहीं गुजरात की भावना गोंडालिया को IFFCO सहकारिता बंधु पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें कृषि और सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण तथा ग्रामीण समुदायों के विकास में उत्कृष्ट कार्यों के लिए चुना गया. इस सम्मान के साथ भी 11 लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की गई. गौरतलब है कि IFFCO के इतिहास में यह पहला अवसर है जब दोनों प्रमुख सहकारिता पुरस्कार महिलाओं को दिए गए हैं. संस्था ने इसे महिला नेतृत्व और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. 

किसान, सहकारी समितियां और कर्मचारी ही IFFCO की ताकत: दिलीप संघानी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए IFFCO के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि संस्था की सफलता के पीछे किसानों, सहकारी समितियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने कहा कि IFFCO प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" के विजन को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. सहकारिता मॉडल के माध्यम से किसानों को मजबूत बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना संस्था का मुख्य उद्देश्य है. संघानी ने कहा कि IFFCO केवल उर्वरक उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई पहल कर रहा है.

IFFCO ने कमाया 4,585 करोड़ रुपये का लाभ

बैठक में IFFCO के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने संस्था के वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान IFFCO ने 4,585 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है. उन्होंने बताया कि बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए कर्मचारियों के लिए 490.65 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की घोषणा की गई है, जो IFFCO के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहन पैकेज माना जा रहा है. इसके अलावा IFFCO ने निम्न श्रेणी के कर्मचारियों के लिए 20,000 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन सुनिश्चित करने का फैसला किया है. इसके लिए संस्था ने अतिरिक्त 140 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. संस्था ने अपनी परंपरा को जारी रखते हुए सदस्य सहकारी समितियों को अधिकतम 20 प्रतिशत लाभांश (डिविडेंड) देने की भी घोषणा की. 

नई सहकारी पहलों और निवेश योजनाओं की झलक

AGM में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान IFFCO की विभिन्न परियोजनाओं और निवेश योजनाओं को प्रदर्शित किया गया. इनमें भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL), नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), IFFCO बाजार, IFFCO-टोकियो जनरल इंश्योरेंस, किसान रूरल फाइनेंस, IFFDC और CORDET जैसी पहलें प्रमुख रहीं. इस दौरान IFFCO ने भारत टैक्सी परियोजना में अपने निवेश को जारी रखने और इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.

नैनो उर्वरक और टिकाऊ खेती पर विशेष जोर

IFFCO ने बैठक में टिकाऊ कृषि और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई. संस्था ने किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने की योजना साझा की. IFFCO का मानना है कि नैनो उर्वरक पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी, पर्यावरण अनुकूल और लागत कम करने वाले विकल्प साबित हो सकते हैं. इसके साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया.

ग्रामीण भारत की समृद्धि में सहकारिता की बड़ी भूमिका

कार्यक्रम के अंत में IFFCO नेतृत्व ने कहा कि सहकारिता आंदोलन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है. संस्था का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि को टिकाऊ बनाना और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. IFFCO की 55वीं AGM ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि किसानों, सहकारी संस्थाओं और महिला नेतृत्व की भागीदारी से ही "विकसित भारत" और "सहकार से समृद्धि" का सपना साकार किया जा सकता है. 

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