जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मिलेगा दोगुना मुआवजा, केरल CM बोले- जल्‍द लागू होगी व्‍यवस्‍था

जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मिलेगा दोगुना मुआवजा, केरल CM बोले- जल्‍द लागू होगी व्‍यवस्‍था

केरल सरकार जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान पर किसानों को मिलने वाला मुआवजा दोगुना करेगी. वन्यजीव हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों का मुआवजा भी बढ़ाया जाएगा.

wildlife crop damage compensationwildlife crop damage compensation
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 03, 2026,
  • Updated Sep 03, 2026, 3:54 PM IST

केरल सरकार जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान पर किसानों को मिलने वाले मुआवजे को दोगुना करेगी. मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने कहा कि वन्यजीवों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मिलने वाले मुआवजे में भी जल्द बढ़ोतरी की जाएगी. मुख्यमंत्री ने जंगल सीमा से लगे विधानसभा क्षेत्रों के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के सम्मेलन में यह बात कही. इस सम्मेलन में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई. सीएम वी डी सतीशन ने कहा कि केरल में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने के लिए राज्य सरकार केंद्र पर जोरदार दबाव बनाएगी. 

उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन और संपत्ति के लिए जंगली जानवरों से बढ़ते खतरे से निपटने के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में संशोधन की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की एक विशेष टीम केंद्र सरकार के पास जाएगी. राज्य जंगली सूअरों को वर्मिन घोषित करने और वन्यजीवों की आबादी को कंट्रोल करने के लिए जरूरी अधिकार मांगेगा.

जंगलों में भोजन और पानी की कमी पर ध्‍यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों के भीतर भोजन और पानी की कमी जंगली जानवरों के मानव बस्तियों की ओर आने की प्रमुख वजहों में से एक है. प्राकृतिक जंगलों की जगह प्लांटेशन के विस्तार से भी वन्यजीवों के आवास पर असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि सरकार जंगलों के भीतर जानवरों के लिए पर्याप्त भोजन और पानी सुनिश्चित करने वाली परियोजनाएं लागू करेगी.

कुछ इलाकों से बाघों को शिफ्ट करने पर चर्चा

वी डी सतीशन ने कहा कि वायनाड समेत उन क्षेत्रों से बाघों को दूसरे टाइगर रिजर्व में भेजने को लेकर केंद्र सरकार से चर्चा चल रही है, जहां बाघों की संख्या क्षेत्र की वहन क्षमता से अधिक है. उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों को मानव बस्तियों से दूर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का विस्तार किया जाएगा. इसके साथ ही खंदक, बाड़ और अन्य रोकथाम उपायों को भी ज्यादा इलाकों तक पहुंचाया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों और किसानों के बीच बेहतर संबंध बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच की दूरी कम कर मित्रवत माहौल बनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और आम लोगों के संयुक्त प्रयास से ही मानव-वन्यजीव संघर्ष का स्थायी समाधान संभव है. सरकार जंगल सीमा से लगे इलाकों में डर के बीच रह रहे किसानों और आम लोगों के साथ खड़ी है.

संघर्ष से निपटने के लिए 14 जोन में मास्टर प्लान

राज्‍य के वन एवं वन्यजीव मंत्री शिबू बेबी जॉन ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने की व्यापक रणनीति के तहत केरल को 14 जोन में बांटकर एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि संघर्ष को कम करने और जंगलों की सुरक्षा के उपाय लागू करते समय किसानों को भरोसे में लिया जाएगा. इसके लिए विधानसभा क्षेत्र और पंचायत स्तर पर विशेष समितियां बनाई जाएंगी. मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मामलों में तत्काल हस्तक्षेप के लिए स्थानीय कमांड सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे.

मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विधायकों, जंगल सीमा से लगे क्षेत्रों के किसानों, पर्यावरण संगठनों, ग्राम पंचायत अध्यक्षों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ कई दौर की चर्चा की गई है. शिबू बेबी जॉन ने कहा कि केरल को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र, यानी ESA, के मुद्दे पर कोई बड़ी चुनौती नहीं दिखती. 

सरकार जंगल सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों की सभी चिंताओं का समाधान करने के बाद ही आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि राज्य की चिंताओं से केंद्र सरकार को पहले ही अवगत कराया जा चुका है. मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के उपायों के लिए केरल को वन डिव‍िजनों के बजाय 16 लैंडस्केप जोन में बांटा जाएगा.

पीड़ितों के लिए ट्रिब्यूनल की मांग

वहीं, बिजली और पर्यावरण मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि वन्यजीवों का बढ़ता खतरा लोगों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है और इसका स्थायी समाधान जरूरी है. उन्होंने वन्यजीव हमले के पीड़ितों को बेहतर मुआवजा और चिकित्सा सहायता देने के लिए मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की तर्ज पर एक ट्रिब्यूनल व्यवस्था बनाने की मांग की.

सनी जोसेफ ने सोलर फेंसिंग जैसे रोकथाम उपायों के लिए केंद्र सरकार और NABARD से धन उपलब्ध कराने की भी मांग की. साथ ही उन्होंने केंद्र की अनुमति से जंगली सूअरों को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाने की जरूरत बताई.

MORE NEWS

Read more!