कोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सकेहर हाल में एक पशु के लिए खुराक बहुत जरूरी होती है. फिर चाहें वो स्वस्थ हो या बीमार और चोटिल. पशु दूध उत्पादन कर रहा हो या नहीं. लेकिन उसके लिए रोजाना की खुराक बहुत जरूरी है. लेकिन जैसे ही गाय-भैंस बीमार होती हैं तो सबसे पहले वो चारा खाना छोड़ देती हैं. और ऐसा होते ही पशुपालक की परेशानी बढ़ जाती है. क्योंकि जब गाय-भैंस कुछ खाएगी नहीं तो दूध का उत्पादन भी नहीं होगा और पशु की हैल्थ भी खराब होगी. कई बार बीमारी या चोट लगने के चलते गाय-भैंस खाने के लिए अपने मुंह का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं.
जैसे खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी की वजह से मुंह में छाले हो जाते हैं. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि बीमार और चोटिल पशु को खाने के लिए लुभाने का सबसे आसान तरीका ये है कि उसके सामने ऐसा चारा रखें जिसे वो बड़े ही शौक से खाता हो. जुगाली करने में ज्यादा मेहनत और वक्त ना लगता हो. वहीं कभी भी बीमार और चोटिल पशुओं को खाने में दवाई मिलाकर खाने को नहीं देनी चाहिए.
पशुओं को दी जानें वाली कुछ दवाई बेहद कड़वी होती हैं. इसलिए गाय-भैंस को गर्भकाल के दौरान कड़वी दवाएं मुंह से खिलाने से बचना चाहिए. जिसके चलते पशु उसे खाने के चक्कर में उठा पटक के चलते तनाव में न आ आए. क्योंकि इस तरह के तनाव के चलते भी भैंस का गर्भपात होने का खतरा बना रहता है.
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