
सरकार ने मंगलवार को साफ किया कि एक्सपोर्ट सपोर्ट स्कीम RoDTEP के तहत कम रेट का नियम कृषि प्रोडक्ट और प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर लागू नहीं होंगे. दरअसल, सोमवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक सर्कुलर जारी किया. इसके मुताबिक, प्याज एक्सपोर्ट कंसेशन (RoDTEP) में पचास परसेंट की कटौती की गई. इस फैसले की बहुत आलोचना हो रही है क्योंकि इससे प्याज का निर्यात गिरेगा और बड़े पैमाने पर व्यापारी और किसान प्रभावित होंगे. डीजीएफटी के इस नोटिफिकेशन के बाद प्याज के व्यापारियों और किसानों ने निराशा जताई और फैसले पर दोबारा सोचने की मांग की. इसे देखते हुए सरकार ने इस नियम से प्याज जैसे कृषि उत्पादों को बाहर कर दिया है. यानी प्याज का एक्सपोर्ट कंसेशन (RoDTEP) पहले की तरह जारी रहेगा, उसमें किसी तरह की कटौती नहीं होगी.
2021 में शुरू की गई एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी और टैक्स में छूट (RoDTEP) स्कीम का फायदा निर्यात करने वाले व्यापारियों को मिलता है. निर्यातक जो भी माल विदेश भेजते हैं, उसमें ढुलाई आदि के खर्च पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है. एक तरह से निर्यातकों को उनके खर्च का रिफंड मिलता है. इस स्कीम के तहत रिफंड 0.3 परसेंट से 3.9 परसेंट तक है. यह स्कीम इस साल मार्च तक मान्य है.
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन में कहा, "23 फरवरी, 2026 के नोटिफिकेशन नंबर 60 के तहत नोटिफाई किए गए RoDTEP बेनिफिट्स के कम रेट और वैल्यू कैप, ITC HS चैप्टर 01 से 24 के तहत आने वाले एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स पर लागू नहीं होंगे." चैप्टर 1-24 एग्री और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स से जुड़ा है.
रेट में कटौती को लेकर व्यापारियों और किसानों ने निराशा जताई थी और सरकार से इस फैसले पर दोबारा सोचने का आग्रह किया था. फैसले पर चिंता जताते हुए मुंबई के एक्सपोर्टर और टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज इंडिया के फाउंडर चेयरमैन, शरद कुमार सराफ ने कहा कि RoDTEP में अचानक 50 परसेंट की भारी कटौती एक्सपोर्टर्स के लिए बहुत बड़ी मुसीबत है.
उन्होंने कहा, "किसी भी ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. RoDTEP की परिभाषा ड्यूटी और टैक्स का रीइंबर्समेंट है. एक्सपोर्टर्स ने पहले ही RoDTEP रेट्स के आधार पर ऑर्डर बुक कर लिए हैं. कई प्रोडक्ट्स और कमोडिटीज़ 1 या 2 परसेंट मार्जिन पर एक्सपोर्ट की जाती हैं. उन सभी को और नुकसान होगा."
सराफ ने आगे कहा कि यह कटौती ऐसे समय में हुई है जब एक्सपोर्टर्स ट्रंप टैरिफ से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा, "इस समय, सरकार को एक्सपोर्टर्स का सपोर्ट करना चाहिए था. इस तरह के अचानक फैसले से निर्यातकों का पॉलिसी पर से भरोसा उठ जाएगा."
नासिक में पहले से ही प्याज के दाम निचले स्तर पर चल रहे हैं. मंडियों में लेट खरीफ प्याज की आवक शुरू होने पर भाव और गिरेंगे. व्यापारियों का कहना है कि जब सरकार की ओर से मदद की उम्मीद थी, उस वक्त सब्सिडी में कटौती चौंकाने वाला फैसला है. व्यापारियों ने कहा, रेडटेप को मौजूदा 1.9 परसेंट से बढ़ाकर 4 परसेंट करने की मांग की थी और प्रेजेंटेशन भी दिया था. लेकिन सोमवार को सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी खेती और समुद्री एक्सपोर्ट के सामान के लिए रोडटेप को आधा कर दिया. हम सरकार से प्याज के रोडटेप पर फिर से सोचने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि हमें गर्मियों के प्याज के मौसम में फिर से बंपर फसल की उम्मीद है.
हालांकि सरकार ने अपने फैसले में कुछ ढील देते हुए कृषि और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट को रोडटेप में कटौती से बाहर कर दिया है. इससे प्याज के निर्यात पर सब्सिडी पहले की तरह मिलती रहेगी, उसमें किसी तरह की कमी नहीं होगी. रियायतें पहले की तरह मिलती रहेंगी.