
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 फरवरी 2026 को विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की. इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) और कृषि उन्नति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने सभी राज्यों से कहा कि किसानों के लिए दी गई योजना और फंड का पूरा इस्तेमाल समय पर और सही तरीके से होना चाहिए.
शिवराज सिंह चौहान ने रबी 2026 में चना, सरसों और मसूर की बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद को मंजूरी दी. यह निर्णय किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अपनी फसल बेचने का भरोसा देता है. इसके तहत महाराष्ट्र में 7,61,250 मीट्रिक टन, गुजरात में 4,13,250 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 5,80,000 मीट्रिक टन और राजस्थान में 5,53,000 मीट्रिक टन चना खरीदा जाएगा. इसी तरह राजस्थान और गुजरात में सरसों और मध्य प्रदेश में मसूर की खरीद की भी मंजूरी दी गई है.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 2030-31 तक अरहर, उड़द और मसूर की पूरी खरीद पूर्व-पंजीकृत किसानों से की जाएगी. इसका मतलब है कि किसानों को निश्चित मात्रा में अपनी फसल बेचने का भरोसा मिलेगा. यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी.
शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि 31 मार्च तक किसानों के हित में आवंटित फंड का 100 प्रतिशत उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फंड दिया है और इसका उद्देश्य किसानों की फसल और कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है. सभी राज्य योजना के तहत दिए गए पैसों का सही उपयोग करें ताकि हर गांव और खेत तक इसका लाभ पहुंच सके.
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की भी जानकारी दी. इसके तहत किसानों को मूल्य समर्थन दिया जाता है. अगर बाजार में चना, सरसों या मसूर की कीमत कम हो जाए तो सरकार मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के जरिए किसानों को लाभ देती है. इसका उद्देश्य किसानों की फसल का सही मूल्य देना और उनकी आय सुरक्षित रखना है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसान अपनी फसल का सही मूल्य पाएं. पीएम-आशा, आरकेवीवाई, कृषि उन्नति योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन मिलकर किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं. इन योजनाओं से किसानों को बाजार में कीमत गिरने पर भी अपनी आय सुरक्षित करने का भरोसा मिलता है.
बैठक में असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के मंत्री और अधिकारी शामिल हुए. शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से कहा कि वे किसानों के हित में योजना का लाभ तेजी से पहुंचाएं. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के लिए योजना गांव-गांव और खेत-खेत तक पहुंचनी चाहिए.
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उन्हें लाभकारी मूल्य देना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी सरकार किसान हितैषी फैसले जारी रखेगी और किसानों को समर्थन देती रहेगी.
इस तरह केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल से किसानों को रबी 2026 में फसल बेचने और सुरक्षित मूल्य पाने का भरोसा मिलेगा, और राज्यों को योजना के तहत दिए गए फंड का सही उपयोग सुनिश्चित करना होगा.
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