
महाराष्ट्र के पूर्वी विदर्भ क्षेत्र में बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था. इससे कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया. अब राज्य सरकार इन किसानों की मदद के लिए सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है. राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में बताया कि धान किसानों को सब्सिडी देने का प्रस्ताव जल्द ही महाराष्ट्र कैबिनेट के सामने रखा जाएगा.
सरकार ने पहले ही घोषणा की थी कि प्रभावित जिलों के धान किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. इसके लिए 25 मार्च 2025 को सरकारी आदेश भी जारी किया गया था. लेकिन अब तक किसानों के खातों में यह पैसा नहीं पहुंचा है. इसी वजह से विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.
नेता सुधीर मुनगंटीवार ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए फंड जारी करने में देरी हो रही है, जबकि कर्मचारियों और विधायकों के वेतन बढ़ाने में ऐसी कोई दिक्कत नहीं आती. उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सब्सिडी जारी करने के मामले में सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपना रही है.
इन आरोपों के जवाब में मंत्री योगेश कदम ने कहा कि सरकार धान किसानों की मदद को लेकर गंभीर है. उन्होंने बताया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए. इसके लिए पूरी प्रक्रिया को ठीक से पूरा किया जा रहा है, ताकि सही किसानों को ही लाभ मिले.
मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच धान किसानों को 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोनस दिया गया है. इससे साफ है कि सरकार पहले भी किसानों की मदद करती रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें.
सरकार ने यह भी माना कि किसान पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ बिचौलियों की भूमिका सामने आई है. इसलिए अब ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिससे केवल असली और योग्य किसान ही योजना में पंजीकरण करा सकें. सरकार चाहती है कि कोई भी गलत व्यक्ति इस योजना का लाभ न ले.
मंत्री योगेश कदम ने बताया कि किसानों का पंजीकरण तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद सब्सिडी जारी करने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी.
पूर्वी विदर्भ के धान किसान इस सब्सिडी का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. बेमौसम बारिश से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ था और उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी. अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मदद करेगी.
पूर्वी विदर्भ के धान किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये की सब्सिडी देने का प्रस्ताव जल्द ही महाराष्ट्र कैबिनेट में रखा जाएगा. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी और पैसा सीधे किसानों के खाते में जाएगा. अगर प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो इससे हजारों किसानों को राहत मिलेगी और वे फिर से खेती में जुट सकेंगे.
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