
भारत की कृषि और खाद्य क्षेत्र की कंपनी Nutrifresh ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219.3 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. कंपनी का कारोबार पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 145.2 करोड़ रुपये के मुकाबले 51 फीसदी बढ़ा है. कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसका कारोबार बढ़कर 400 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इसके लिए कंपनी पुणे के पास अपने खेतों का विस्तार कर रही है. साथ ही, कंपनी आधुनिक तकनीक की मदद से खेती का दायरा बढ़ाने और दक्षिण भारत के नए बाजारों में पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है.
Nutrifresh खेती और खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी आधुनिक तकनीक की मदद से नियंत्रित वातावरण में फसलें उगाती है. खेती के इस तरीके को कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट एग्रीकल्चर (CEA) कहा जाता है. इसमें फसलों को उगाने के लिए तापमान, पानी और दूसरी जरूरी परिस्थितियों को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित किया जाता है.
इस तकनीक का उद्देश्य फसलों की गुणवत्ता बनाए रखना और सालभर उत्पादन करना है. कंपनी मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, बड़े रिटेल स्टोर और ऑनलाइन सामान पहुंचाने वाले प्लेटफॉर्म को अपने उत्पाद बेचती है. इससे कंपनी को सीधे बड़ी संख्या में ग्राहकों तक पहुंचने के बजाय कारोबार करने वाली कंपनियों के जरिए अपना बाजार बढ़ाने में मदद मिलती है. कंपनी के मुताबिक, साल 2019 में शुरुआत के बाद से वह हर साल मुनाफे में रही है. आधुनिक तकनीक से खेती करने वाले क्षेत्र में लगातार मुनाफा कमाना कंपनी की खास उपलब्धियों में से एक है.
Nutrifresh फिलहाल 83 एकड़ जमीन पर खेती कर रही है. अब कंपनी ने पुणे के पास वारवाड़ी और पिसावरे में 105 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर खेती की तैयारी शुरू की है. इन नए खेतों पर काम चल रहा है. इनके उत्पादन शुरू होने के बाद कंपनी के पास खेती के लिए कुल 188 एकड़ जमीन हो जाएगी. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में अपने उत्पादन क्षेत्र को लगभग तीन गुना बढ़ाना है. नए खेतों से उत्पादन शुरू होने पर कंपनी को ज्यादा मात्रा में कृषि उत्पाद तैयार करने और अपने ग्राहकों की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी. इसी विस्तार के आधार पर कंपनी ने अगले वित्त वर्ष में 400 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है. हालांकि, यह कंपनी का अनुमानित लक्ष्य है, वास्तविक कारोबार उत्पादन, मांग और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा.
Nutrifresh और Rural Enhancers Group ने वित्त वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र सरकार के साथ 1,000 एकड़ में स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य राज्य में आधुनिक तकनीक की मदद से खेती का विस्तार करना है. स्मार्ट खेती में तकनीक का इस्तेमाल करके पानी, जमीन और दूसरे संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग करने की कोशिश की जाती है. इससे खेती को अधिक व्यवस्थित बनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
कंपनी अपने खेतों का विस्तार करने के साथ-साथ दूसरे किसानों के साथ मिलकर भी काम कर रही है. इसके लिए जॉइंट फार्मिंग मॉडल अपनाया जा रहा है, जिसमें किसान अपनी जमीन पर खेती करते हैं और कंपनी उनके साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है.
अपने विस्तार के लिए Nutrifresh को अमेरिका की इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (DFC) से 90 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिली है. यह रकम कंपनी में प्रस्तावित 400 करोड़ रुपये के निवेश का हिस्सा है. इस निवेश का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक से खेती करने वाले ढांचे को बढ़ाने में किया जाएगा. कंपनी को Neev Fund, Florintree Advisors और Green Frontier Capital जैसे निवेशकों का भी समर्थन मिला है. कंपनी के अनुसार, वह जमीन खरीदने और खेती से जुड़े बड़े फैसले सोच-समझकर लेती है. जमीन खरीदने के फैसलों को कंपनी के बोर्ड की मंजूरी से आगे बढ़ाया जाता है. कंपनी का कहना है कि वह कम उपजाऊ या अनुपयोगी जमीन को खेती के लायक बनाने पर भी काम कर रही है. इसका उद्देश्य जमीन की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करके उत्पादन बढ़ाना है.
Nutrifresh के पास होटल, रेस्टोरेंट, आधुनिक रिटेल और क्विक कॉमर्स क्षेत्र के 100 से ज्यादा बड़े कारोबारी ग्राहक हैं. इनमें Swiggy, Zepto, Flipkart Minutes, BigBasket, Reliance Fresh और Nature's Basket जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा IHCL और Taj SATS जैसी होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की कंपनियां भी इसके ग्राहकों में शामिल हैं. कंपनी के कृषि उत्पाद भारत के 15 राज्यों में पहुंचते हैं. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मालदीव और सिंगापुर के बाजारों में भी कंपनी की पहुंच है.
कंपनी के मुताबिक, उसके ग्राहक सालभर अच्छी गुणवत्ता वाली और कीटनाशकों के अवशेष से मुक्त उपज चाहते हैं. इसी मांग को पूरा करने के लिए कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है. कंपनी का कहना है कि नियंत्रित वातावरण में खेती करने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है.
Nutrifresh में 650 से ज्यादा लोग काम करते हैं. कंपनी के कुल कर्मचारियों में करीब 60 फीसदी महिलाएं हैं. खेतों में काम करने वाले कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 80 फीसदी है. वहीं, कंपनी के नेतृत्व से जुड़ी भूमिकाओं में 43 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के खेती से जुड़े कामों और प्रबंधन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी है. कंपनी का विस्तार होने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है.
Nutrifresh अपने खुद के खेतों के साथ जॉइंट फार्मिंग मॉडल को भी बढ़ा रही है. इस मॉडल में कंपनी किसानों के साथ मिलकर उनकी जमीन पर खेती करती है. इससे कंपनी को हर जगह अपनी जमीन खरीदने और खेती का पूरा ढांचा खुद तैयार करने की जरूरत कम हो सकती है. वहीं, किसानों को भी आधुनिक खेती के तरीके अपनाने और बाजार से जुड़ने का अवसर मिल सकता है. कंपनी का लंबे समय का लक्ष्य 25,000 से ज्यादा किसानों को इस मॉडल से जोड़ना है. इससे खेती का दायरा बढ़ाने के साथ अधिक किसानों को आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने की योजना है.
Nutrifresh के सह-संस्थापक, सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक संकेत मेहता के अनुसार, कंपनी की बढ़ती कमाई दिखाती है कि भारत में आधुनिक तकनीक से खेती बड़े स्तर पर की जा सकती है और इसे मुनाफे का कारोबार भी बनाया जा सकता है. वहीं, सह-संस्थापक, सीएफओ और पूर्णकालिक निदेशक गणेश निकम ने कहा कि कंपनी अपने विस्तार के लिए वित्तीय अनुशासन और निवेश की सही योजना पर ध्यान दे रही है.
वित्त वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य हासिल करने के लिए Nutrifresh खेती का क्षेत्र बढ़ाने के साथ दक्षिण भारत में भी विस्तार की तैयारी कर रही है. कंपनी का मानना है कि नए खेतों, निवेश और जॉइंट फार्मिंग मॉडल की मदद से वह ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकती है. कुल मिलाकर, Nutrifresh आधुनिक तकनीक से खेती, बड़े कारोबारी ग्राहकों की मांग और किसानों के साथ साझेदारी के जरिए अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती है. आने वाले वित्त वर्ष में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नए खेतों में उत्पादन कितनी जल्दी शुरू होता है और वह अपने उत्पादों की बढ़ती मांग को किस तरह पूरा करती है.
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