Women Farmers Day 2026: महिला किसानों के लिए क्यों खास है 15 अक्टूबर? जानें महत्व

Women Farmers Day 2026: महिला किसानों के लिए क्यों खास है 15 अक्टूबर? जानें महत्व

खेती-किसानी में महिलाओं का योगदान बेहद अहम है, लेकिन उनकी मेहनत को अक्सर उतनी पहचान नहीं मिलती. हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाने वाला महिला किसान दिवस इसी योगदान को सम्मान देने और महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.

महिला किसान दिवसमहिला किसान दिवस
संदीप कुमार
  • New Delhi,
  • Oct 15, 2026,
  • Updated Oct 15, 2026, 9:01 AM IST

साल का 15 अक्तूबर का दिन महिला किसानों के नाम है. इस दिन को महिला किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह खास दिन बताता है कि आज के समय में महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही हैं और अपनी पहचान बना रही हैं. देश की महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर हैं. वो चाहे रक्षा क्षेत्र हो या कुछ और, यहां तक कि खेती-बाड़ी में महिला किसानों की अहमियत बहुत बड़ी है. एक तरह से देखें तो हर पेशे में पुरुषों की तुलना में महिलाएं कहीं अधिक सक्रिय हैं. देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां पुरुषों की तुलना में महिलाएं खेती का काम बड़े स्तर पर संभालती हैं और अनाजों के उत्पादन में बड़ा रोल निभाती हैं. साल 2026 में यह दिन और भी खास है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने पूरे साल को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है.

क्यों मनाया जाता है महिला किसान दिवस?

भारत में हर साल 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी में महिलाओं के योगदान को पहचानना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देना है. महिलाएं खेतों में बुवाई, रोपाई, निराई-गुड़ाई और कटाई जैसे काम करती हैं. इसके अलावा वे पशुपालन, बीजों को सुरक्षित रखने, सब्जियों की खेती, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि उत्पादों की बिक्री में भी योगदान देती हैं. इसके बावजूद कई महिला किसानों को जमीन के मालिकाना हक, कृषि लोन, सरकारी योजनाओं, आधुनिक मशीनों और बाजार तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. महिला किसान दिवस इन मुद्दों पर ध्यान दिलाने का अवसर है.

महिला किसान दिवस का इतिहास क्या है?

भारत में महिला किसान दिवस मनाने की शुरुआत कृषि क्षेत्र में महिलाओं की अहम भूमिका को पहचान देने के उद्देश्य से हुई. यह दिवस हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है, जो संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के साथ भी पड़ता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2007 में अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस की स्थापना की थी. पहली बार यह दिवस 15 अक्टूबर 2008 को मनाया गया. इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कृषि, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण विकास और गरीबी कम करने में योगदान को पहचान दिलाना है.

इस साल महिला किसान दिवस का क्या है थीम

भारत में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और उससे जुड़े संस्थान महिला किसान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं. इनमें महिला किसानों की उपलब्धियों को सामने लाने, सफल खेती के तरीकों को साझा करने और उन्हें नई तकनीकों और कृषि उद्यमों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, महिला किसान दिवस 2026 की थीम है - 'Role of Women Farmers in Building Developed Agriculture and a Developed India' यानी विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका.  

साल 2026 अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित

इस थीम का मकसद यह बताना है कि भारत को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और विकसित बनाने में महिला किसानों की भूमिका कितनी अहम है. इसमें आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, फसल विविधीकरण, पशुपालन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खेती से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र ने साल 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है. इसका उद्देश्य दुनिया भर में कृषि और खाद्य व्यवस्था में महिलाओं के योगदान को पहचान दिलाना और उन्हें अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करना है.

महिला किसान दिवस का क्या महत्व है?

महिला किसान दिवस सिर्फ महिलाओं को सम्मान देने का दिन नहीं है, बल्कि खेती में उनकी स्थिति को बेहतर बनाने की जरूरत याद दिलाने का अवसर भी है.

1. महिला किसानों को पहचान देना: खेती में महिलाओं की मेहनत और योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता मिलती है.
2. आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: महिलाओं को कृषि उद्यम, स्वयं सहायता समूह और खेती से जुड़े व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
3. आधुनिक तकनीक से जोड़ना: ड्रोन, कृषि मशीनों, वैज्ञानिक खेती और डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है.
4. सरकारी योजनाओं तक पहुंच: महिलाओं को कृषि लोन, प्रशिक्षण, बीमा और अन्य योजनाओं की जानकारी और लाभ प्राप्त करने के अवसरों पर ध्यान दिया जाता है.
5. जमीन और संसाधनों पर अधिकार: महिला किसानों के लिए जमीन के मालिकाना हक, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों को सामने लाया जाता है.

MORE NEWS

Read more!