महंगाई के बीच रियायत: यूपी में 52 रुपये किलो मिलेगी चीनी, योगी सरकार की खास पहल

महंगाई के बीच रियायत: यूपी में 52 रुपये किलो मिलेगी चीनी, योगी सरकार की खास पहल

त्योहारी सीजन में बढ़ती महंगाई के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. लखनऊ स्थित गन्ना किसान संस्थान के बिक्री केंद्र पर अब 52 रुपये प्रति किलो की रियायती दर से चीनी उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को सस्ती चीनी उपलब्ध कराना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखना है. वहीं, केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए चीनी डीलरों की स्टॉक सीमा भी घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी है.

Shree Renuka Sugars too added 5% to reach Rs 4842 during the day. Market cap of the sugar firm stood at Rs 4842 crore. Shree Renuka Sugars too added 5% to reach Rs 4842 during the day. Market cap of the sugar firm stood at Rs 4842 crore.
क‍िसान तक
  • नई दिल्ली,
  • Oct 15, 2026,
  • Updated Oct 15, 2026, 1:16 PM IST

उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए, चीनी उद्योग और उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं गन्ना विकास विभाग की एक संयुक्त पहल के तहत अब चीनी 52 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध होगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश में त्योहारी सीजन चल रहा है और गन्ने के भाव में बड़ी तेजी है. त्योहारों में चीनी की खपत बढ़ जाती है और अभी रेट सामान्य से 10-15 रुपये अधिक चल रहे हैं. इससे उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार अधिक हो गई है. 

उपभोक्ताओं को कुछ राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी पहल की है. उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ लखनऊ स्थित 'लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान' परिसर में बने शुगर कॉर्पोरेशन/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी बिक्री केंद्र से उठा सकते हैं.

52 रुपये किलो मिलेगी चीनी

1 किलोग्राम और 2 किलोग्राम के पैकेट की कीमतें क्रमशः 52 रुपये और 102 रुपये हैं. वहीं, 5 किलोग्राम और 50 किलोग्राम के पैकेट की कीमतें क्रमशः 250 रुपये और 2,500 रुपये तय की गई हैं.

संपूर्ण नगर (पीलीभीत) की सहकारी चीनी मिल में तैयार 1 किलोग्राम और 2 किलोग्राम चीनी के पैकेट की कीमतें क्रमशः 51 रुपये और 102 रुपये होंगी, जबकि 5 किलोग्राम और 50 किलोग्राम के पैकेट की कीमतें क्रमशः 245 रुपये और 2,400 रुपये तय की गई हैं.

विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत, चीनी की यह विशेष बिक्री हर कार्य दिवस पर नियमित रूप से जारी रहेगी.

एक प्रेस रिलीज में में कहा गया है कि उपभोक्ता सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच 'गन्ना किसान संस्थान परिसर' स्थित चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुचारू खरीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. उपभोक्ता अपनी दैनिक जरूरतों के हिसाब से चीनी खरीद सकते हैं.

गन्ना एवं गन्ना विकास विभाग ने राज्य की राजधानी के लोगों से अपील की है कि वे जनहित की इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.

चीनी की जमाखोरी पर सख्ती

त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत, केंद्र सरकार ने बीते हफ्ते एक अधिसूचना जारी की. इसके अनुसार, चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी गई. यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा.

1 अक्टूबर को खाद्य मंत्रालय ने बताया था कि सरकार ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन कर दी है और स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल तय की है. यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा. हालांकि, कोलकाता और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों और असम राज्य को इससे बाहर रखा गया है.

अगस्त में, मंत्रालय ने चीनी डीलरों के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा तय की थी, जो 1 अगस्त से 30 नवंबर तक लागू थी. इसके साथ ही, स्टॉक मिलने की तारीख से उसे रखने की अधिकतम अवधि 30 दिन तय की गई थी. बाद में, 15 सितंबर से इस सीमा को और सख्त करते हुए 2,000 क्विंटल कर दिया गया था.(PTI)

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