किसानों को साहूकारों के जाल से बचाएगी महाराष्ट्र सरकार, अवैध कर्ज पर बनेगा सख्त कानून

किसानों को साहूकारों के जाल से बचाएगी महाराष्ट्र सरकार, अवैध कर्ज पर बनेगा सख्त कानून

महाराष्ट्र सरकार किसानों को अवैध साहूकारों के शोषण से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य में बिना लाइसेंस पैसे उधार देने वालों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी है. सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों के जरिए किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा की जाएगी.

किसानों के शोषण पर लगेगी लगामकिसानों के शोषण पर लगेगी लगाम
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 29, 2026,
  • Updated Jun 29, 2026, 4:56 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को अवैध साहूकारों के आर्थिक शोषण से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. राज्य सरकार अब बिना अनुमति के कर्ज देने वाले लोगों पर सख्ती करने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है. इस कानून में अवैध रूप से पैसे उधार देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा. राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मुद्दे की समीक्षा की है और किसानों को साहूकारों के शोषण से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

अवैध साहूकारी पर लगेगी रोक

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि मौजूदा कानून में भी अवैध कर्ज देने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सजा का प्रावधान है, लेकिन सरकार अब इसमें और सख्ती करने जा रही है. उन्होंने कहा कि नया कानून तैयार किया जा रहा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने विधायकों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय अवैध साहूकारों की जानकारी सरकार को दें, ताकि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई शुरू की जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

विपक्ष ने उठाए कानून के पालन पर सवाल

विधानसभा में विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कई कानून और जिला स्तर पर निगरानी समितियां होने के बावजूद अवैध साहूकारी का कारोबार जारी है. विपक्ष का आरोप है कि निगरानी समितियां प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रही हैं और कानूनों का सही तरीके से पालन नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है. विपक्षी सदस्यों ने बिना लाइसेंस कर्ज देने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सहकारी लोन समितियां भी निजी साहूकारों  की तरह काम कर रही हैं. इसके अलावा चेक बाउंस, धोखाधड़ी वाले लेनदेन और जमीन हड़पने जैसे मामलों को भी सदन में उठाया गया.

साहूकारों से 400 करोड़ का कर्ज

सहकारिता मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि साल 2022 से अब तक साहूकारों ने करीब 400 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है, जबकि बैंकों की ओर से किसानों को 12,111 करोड़ रुपये का लोन उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को संस्थागत कर्ज व्यवस्था से जोड़ने पर भी काम कर रही है, ताकि उन्हें मजबूरी में निजी साहूकारों के पास न जाना पड़े.

रोशन कुले मामले पर भी गरमाई चर्चा

विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने साहूकार दिवाकर निकुरे का मामला भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि निकुरे पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. वडेट्टीवार ने रोशन कुले किडनी बिक्री मामले का जिक्र करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि निकुरे ने किसानों की जमीनों से जुड़े मामलों में अनियमितताएं कीं और कई चेक बाउंस हुए, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि, मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने सदन को आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. महाराष्ट्र सरकार के इस कदम से अब किसानों को उम्मीद है कि अवैध साहूकारी पर लगाम लगेगी और उन्हें आर्थिक शोषण से राहत मिल सकेगी। वहीं, नए कानून और उसके प्रभावी अमल पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. 

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