
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो किसानों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी कर रहा था. यह गैंग गांव-गांव जाकर किसानों से गेहूं खरीदता था और तौल में हेराफेरी करके कम वजन दिखाकर किसानों को नुकसान पहुंचाता था. पुलिस की जांच में सामने आया कि यह लोग लंबे समय से इस तरह की ठगी कर रहे थे और कई किसानों से लाखों रुपये का गबन कर चुके थे.
पुलिस के अनुसार आरोपी बहुत चालाकी से तौल में गड़बड़ी करते थे. वे कांटे में पैर लगाकर या अन्य तरीकों से मशीन को प्रभावित करते थे, जिससे गेहूं का वजन कम दिखता था. किसान जब अपना पूरा गेहूं लेकर आते थे, तब भी उन्हें कम भुगतान मिलता था. इस तरह अब तक दर्जनों किसानों के साथ लगभग 200 कुंतल से ज्यादा गेहूं की हेराफेरी की जा चुकी थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ.
मामला तब सामने आया जब एक किसान ने अपने घर से गेहूं तौलकर लाया और वहां वजन कम निकला. जब किसानों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने डराने के लिए तमंचे से फायरिंग कर दी और मौके पर दहशत फैला दी. इसके बाद किसानों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कार्रवाई की मांग की.
सूचना मिलते ही जसपुरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के पास से 2 लाख 57 हजार रुपये नकद, एक वाहन, मोबाइल फोन, तौल कांटा और तमंचा बरामद किया गया है. पुलिस ने इस मामले में तीन थानों में एफआईआर दर्ज की है और आगे की जांच शुरू कर दी है.
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बिजनौर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे एक संगठित गैंग के रूप में काम करते थे और गांव-गांव जाकर किसानों से गेहूं खरीद में हेराफेरी करते थे. एसपी ने आरोपियों की आपराधिक कुंडली खंगालने के आदेश दिए हैं ताकि उनके अन्य मामलों का भी पता लगाया जा सके.
इस घटना के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है कि ठगी करने वाला गैंग पुलिस की पकड़ में आ गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं. अधिकारियों ने साफ किया है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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