Explained: देश में सूखा जैसे हालात, IOD भी नहीं रोक पा रहा अल नीनो का प्रभाव

Explained: देश में सूखा जैसे हालात, IOD भी नहीं रोक पा रहा अल नीनो का प्रभाव

देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून कमजोर बना हुआ है और सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की जा रही है. स्काईमेट के अनुसार इंडियन ओशन डायपोल (IOD) फिलहाल न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव रहने के बावजूद अल नीनो के प्रभाव को कम करने में सक्षम नहीं है. जब तक IOD 1.5 डिग्री से ऊपर नहीं जाता, तब तक इसका असर सीमित रहेगा. हालांकि 1 जुलाई से देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है, जिससे मॉनसून में सुधार की संभावना बन रही है.

क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 29, 2026,
  • Updated Jun 29, 2026, 1:05 PM IST

देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून बहुत ज्यादा कमजोर हो गया है और बारिश बहुत कम हो गई है. केवल दक्षिणी भारत में, पश्चिमी तट पर और उत्तर पूर्वी राज्यों में बारिश है, पहाड़ों पर बहुत हल्की बारिश है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के इलाके लगभग सूखे पड़े हैं. हालांकि छिटपुट बारिश हो रही है, लेकिन देर दोपहर या शाम को होती है. मॉनसून की झमाझम बारिश अभी तक आ जानी चाहिए थी, वह अभी तक नहीं आई है. 

IOD कम करेगा अल नीनो का प्रभाव?

'स्काईमेट वेदर' के महेश पालावत ने बताया, मौसम को लेकर एक नया अपडेट आया है जो इंडियन ओशन डायपोल (IOD) को लेकर है. आईओडी अभी न्यूट्रल कंडीशन में है, हालांकि थोड़ा सा पॉजिटिव है. +-4 डिग्री इसका न्यूट्रल कंडीशन होता है. यानी जितना एवरेज तापमान होता है उससे .4 डिग्री नीचे होता है तो न्यूट्रल होता है और .4 डिग्री ज्यादा होता है तो पॉजिटिव हो जाता है. मौजूदा पूर्वानुमान बता रहे हैं कि मॉनसून के बीच में जाकर आईओडी थोड़ा पॉजिटिव हो सकता है. लेकिन अल नीनो के असर को यह कम नहीं कर पाएगा. यह जबतक 1.5 डिग्री से ऊपर नहीं जाएगा तब तक अल नीनो के असर को कम नहीं कर पाएगा. अभी ऐसा होता नहीं दिख रहा है. महेश पालावत ने बताया कि अभी IOD पर निर्भर नहीं हुआ जा सकता. इसलिए मॉनसून बहुत ज्यादा अच्छा रहने वाला नहीं है.

मॉनसून के बीच अच्छी बात ये है कि 1 जुलाई से लेकर 8-10 जुलाई के बीच पूरे भारत में बहुत अच्छी बारिश होने वाली है. केवल पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के इलाके में बारिश कुछ कम रहेगी, बाकी जगहों पर अच्छी वर्षा दर्ज की जाएगी. 

मॉनसून की कैसी है चाल?

29 जून को मॉनसून की उत्तरी सीमा 20°/60°E, 20°N/65°E, 20°N/70°E, सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज, मोतिहारी और 28.3°N/83°E से होकर गुजर रही है. अगले 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों, और उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं.

मौसम का पूर्वानुमान और चेतावनी

उत्तर-पश्चिम भारत:

  • 29 जून को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद में और 29 जून से 1 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. 29 जून और 1-2 जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में, 29 जून-1 जुलाई और 3-4 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 29-30 जून और 4 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 29 जून-4 जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.
  • 30 जून-4 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद में, 2-4 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश में और 29 जून-4 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है.
  • 3-4 जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में, 2 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 1-3 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है. 29 जून से 4 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फराबाद में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार, झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है. साथ ही, 30 जून से 4 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में और 29 जून से 1 जुलाई के बीच उत्तराखंड में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा की रफ्तार, झोंकों के साथ 50 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है.
  • 1 से 4 जुलाई के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान, 30 जून से 4 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 29 जून से 4 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा की रफ्तार, झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है. इसके अलावा, 29-30 जून को पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा की रफ्तार, झोंकों के साथ 50 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है.
  • 29 जून को हिमाचल प्रदेश में और 2-3 जुलाई को उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है.
  • 2-3 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ्फराबाद और पंजाब में, 1-4 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में, 30 जून-4 जुलाई के बीच उत्तराखंड में, 30 जून-1 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में, 2-4 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है.
  • 30 जून को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ्फराबाद में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है.

मध्य भारत:

  • 29-30 जून के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं से लेकर कुछ जगहों पर बारिश की संभावना है.
  • 1-4 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में, 29 जून-4 जुलाई के बीच छत्तीसगढ़ और विदर्भ में काफी बड़े इलाके में या लगभग सभी जगहों पर बारिश की संभावना है. 29 जून से 2 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा की रफ़्तार, जो 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है) चलने की संभावना है.
  • 29 जून से 2 जुलाई के बीच छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है.
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 जून से 1 जुलाई और 4 जुलाई को, पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जून और 4 जुलाई को, विदर्भ में 29 जून से 2 जुलाई तक, छत्तीसगढ़ में 29 जून से 4 जुलाई तक कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. साथ ही, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2-3 जुलाई, पूर्वी मध्य प्रदेश में 1-3 जुलाई और विदर्भ में 3-4 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है.
  • अगले 2-3 दिनों के दौरान मध्यम से तेज बिजली गिरने की गतिविधि होने की संभावना है.

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