Amul को Gas Supply में प्राथमिकता, सरकार ने 80 प्रतिशत गैस आवंटित की, पढ़ें अपडेट

Amul को Gas Supply में प्राथमिकता, सरकार ने 80 प्रतिशत गैस आवंटित की, पढ़ें अपडेट

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच भारत के डेयरी सेक्टर के लिए राहत भरी खबर आई है. केंद्र सरकार ने अमूल को गैस सप्लाई की प्रायोरिटी लिस्ट में रखा है. GCMMF के एमडी के मुताबिक करीब 80 प्रतिशत गैस आवंटित हो चुकी है, जिससे डेयरी प्लांट्स सामान्य रूप से चलते रहेंगे और दूध की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी.

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क‍िसान तक
  • Anand,
  • Mar 12, 2026,
  • Updated Mar 12, 2026, 3:07 PM IST

पश्चिम एशिया और गल्फ के देशों में युद्ध की स्थिति के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन डगमगा गई है, लेकिन भारत के लिए, खासकर डेयरी उद्योग और करोड़ों किसानों के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने इस संकट की घड़ी में अमूल को गैस सप्लाई की 'प्रायोरिटी' लिस्ट में रखा है. इसका मतलब है कि युद्ध के बावजूद गल्फ के देशों तक पहुंचने वाले दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आएगी. 

सरकार ने 80 प्रतिशत जरूरत की गैस सप्‍लाई दे दी: MD

जीसीएमएमएफ के एमडी जयेन महेता ने कहा, “गल्फ के क्षेत्र में युद्ध की परिस्थिति होने के बावजूद, भारत के डेयरी उद्योग और अमूल से जुड़े किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने गैस सप्लाई के लिए अमूल को प्राथमिकता दी है. सरकार ने हमारी जरूरत का करीब 80% हिस्सा आवंटित कर दिया है, जिससे हमारे सभी डेयरी प्लांट्स बिना किसी बाधा के चलते रहेंगे. जो थोड़ा गैप है, उसे हम डीजल, फर्नेस ऑयल और ब्रिकेट्स जैसे वैकल्पिक ईंधन से पूरा करेंगे. दूध की पूरी मात्रा और रेगुलर सप्लाई मार्केट में जारी रहेगी."

शुरुआत में शिपमेंट पहुंचने में दिक्‍कत आई

​सप्लाई पर हो रही असर पर जीसीएमएमएफ के एमडी जयेन महेता ने कहा कि युद्ध के शुरुआती हफ्ते में शिपमेंट्स पहुंचने में थोड़ी दिक्कत जरूर हुई थी, लेकिन अब केंद्र सरकार के सहयोग से एक नया जहाज भारत से दुबई के लिए रवाना किया गया है. इसमें अमूल के ड्राई और रेफ्रिजरेटेड प्रोडक्ट्स के कई कंटेनर्स शामिल हैं. अब गल्फ के मार्केट में भी अमूल की सप्लाई पहले की तरह ही सामान्य हो जाएगी."

युद्ध के मोर्चे पर तनाव जारी है, लेकिन भारत सरकार और अमूल के तालमेल ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि न तो किसानों का नुकसान होगा और न ही आम जनता की रसोई तक पहुंचने वाले दूध की किल्लत होगी. दुबई और गल्फ देशों के लिए विशेष जहाज भेजकर भारत ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच भी 'अमूल' का स्वाद फीका नहीं पड़ेगा.

अमूल से लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी

बता दें कि अमूल के सहकारी डेयरी नेटवर्क से मुख्य रूप से गुजरात में करीब 36 लाख दूध उत्पादक किसान जुड़े हुए हैं, जो हजारों गांवों की डेयरी समितियों के माध्यम से रोजाना दूध सप्लाई करते हैं. इस विशाल नेटवर्क के संचालन में करीब 1,000 से अधिक कर्मचारी भी सीधे तौर पर काम करते हैं. ऐसे में इनकी आजीविका पर असर न पड़े और दूध और डेयरी उत्‍पादों की सप्‍लाई पर असर न पड़े, इसलिए डेयरी प्लांट्स का सुचारु संचालन बेहद जरूरी है. यही वजह है कि सरकार ने गैस सप्‍लाई में अमूल को प्राथमिकता दी है. (हेताली शाह की रिपोर्ट)

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