
पश्चिम एशिया में जारी ईरान–इजरायल संघर्ष ने यूएई में टमाटर और प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद सरकार सतर्क हो गई है. इस मुद्दे को लेकर अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने बाजार पर कड़ी नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है. इस कदम का वहां के खरीदारों ने स्वागत किया है. मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे मौजूदा संकट की वजह से पिछले दो दिनों में टमाटर और प्याज जैसी कुछ चीजों की कीमतें थोड़े समय के लिए बढ़ी हैं. इसे लेकर अल क्वोज़ में रहने वाले रिशाद अहमद ने बताया कि जब उन्होंने अपने इलाके के सुपर मार्केट में टमाटर की कीमत 10 दिरहम यानी 250 भारतीय रुपये प्रति किलो देखी, तो उन्हें चिंता हुई.
रिशाद अहमद ने कहा कि पिछले हफ्ते टमाटर की कीमत सिर्फ 5 दिरहम यानी 125 रुपये प्रति किलो थी, लेकिन अब बढ़कर 10 दिरहम हो गई है. वहीं, प्याज भी पिछले हफ्ते 4 दिरहम था, जो अब 7 दिरहम प्रति किलो हो गया है. उन्होंने कहा कि जब मैंने पढ़ा कि मंत्री ने कीमतों में बढ़ोतरी को स्वीकार किया है, तो मुझे थोड़ी राहत मिली. यह जानकारी भी अच्छा लगा कि बाजार में ज्यादा मात्रा में सामान भेजा गया है. इससे उम्मीद है कि जल्द ही कीमतें कम हो जाएंगी.
'खलीज टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में कीमतों पर नजर रखने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. देश के अलग-अलग इलाकों के आर्थिक विकास विभाग मिलकर खास निरीक्षण टीमों के जरिए रोज बाजार का दौरा कर रहे हैं. इन टीमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दुकानदार बिना वजह कीमतें न बढ़ाएं. सरकार ने नौ जरूरी चीजों की कीमतों को नियंत्रण में रखा है. इनमें खाना पकाने का तेल, अंडे, दूध और उससे बने उत्पाद, चावल, चीनी, चिकन, दालें, रोटी और गेहूं शामिल हैं. इन चीजों की कीमतें बढ़ाने के लिए दुकानदारों को पहले मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ेगी. बिना मंजूरी के कीमतें नहीं बढ़ाई जा सकतीं.
दुबई में रहने वाले अब्दुल्ला ई. ने बताया कि जब से क्षेत्र में तनाव शुरू हुआ है, तब से वे कई बार अल अवेर बाजार गए हैं. उन्होंने कहा कि इस दौरान कीमतों में थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है. उन्होंने बताया कि तनाव के शुरुआती दिनों में कुछ फल और सब्जियों की कीमतें अचानक बढ़ गई थीं. लेकिन जब मंत्रालय ने बाजार में निरीक्षण शुरू किया, उसके बाद से कीमतें फिर से स्थिर हो गई हैं. इस निगरानी व्यवस्था से हमें काफी राहत मिली है.
अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अंडों की कीमतों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों में मैं दो बार वाटरफ्रंट मार्केट गया हूं और मुझे अंडों की कीमत में कोई बदलाव नहीं दिखा. मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि अंडे ज्यादातर स्थानीय फार्मों से आते हैं. इससे पता चलता है कि यूएई स्थानीय उत्पादन बढ़ाने के लिए अच्छा काम कर रहा है.
अधिकारियों ने कहा है कि यूएई में जरूरी खाने-पीने की चीजें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. बाजार में सामान की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं के पास कई विकल्प मौजूद हैं. स्थानीय कंपनियां भी यह सुनिश्चित कर रही हैं कि बाजारों में ताजे फल और सब्जियों की लगातार आपूर्ति बनी रहे. घीथा होल्डिंग की कंपनी एनआरटीसी ग्रुप ने स्थिति को देखते हुए तुरंत अपनी सप्लाई व्यवस्था को मजबूत कर दिया है. कंपनी अलग-अलग देशों से सामान मंगाने, बेहतर लॉजिस्टिक्स और तेज खरीद प्रक्रिया पर काम कर रही है.
समूह के सीईओ मोहम्मद अल रिफाई ने कहा कि लोगों को दुकानों में पहले की तरह ही फल और सब्जियां मिलती रहेंगी. चाहे बेरीज हों, बीन्स, प्लम, आलू, चेरी या मिर्च, इनकी आपूर्ति जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने नियमित और वैकल्पिक दोनों स्रोतों से सामान मंगाने की व्यवस्था की है, ताकि बाजार में उपलब्धता बनी रहे. कंपनी ने पिछले हफ्ते जॉर्डन, तुर्की, सीरिया और मिस्र से लगभग 3,000 टन कृषि उत्पाद सड़क मार्ग से मंगाए. इसके अलावा 200 टन सामान हवाई मार्ग से और करीब 1,200 टन कृषि उत्पाद खोर फक्कन और फुजैरा बंदरगाहों के जरिए आयात किए गए. इससे पहले लुलु ग्रुप सहित कई बड़े रिटेलर्स ने भी कहा था कि वे भारत और अन्य देशों से विशेष माल ढुलाई की व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि यूएई में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति लगातार बनी रहे.