नई दिल्ली में 'महिला किसान अंतरराष्ट्रीय वर्ष' पर भव्य वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी उद्घाटन

नई दिल्ली में 'महिला किसान अंतरराष्ट्रीय वर्ष' पर भव्य वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी उद्घाटन

नई दिल्ली में 12 से 14 मार्च 2026 तक 'ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन विमेन इन एग्री-फूड सिस्टम्स' का आयोजन हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'महिला किसान अंतरराष्ट्रीय वर्ष' के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य सम्मेलन का उद्घाटन माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू करेंगी। और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिह शामिल होगै इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खेती-किसानी में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें नई तकनीकों व लाभकारी नीतियों से जोड़ना है। इस कार्यक्रम को डॉ. आर.एस. परौदा पूर्व महानिदेशक, आईसीएआर और डॉ. एम.एल. जाट (सचिव, डेयर एवं महानिदेशक आईसीएआर कई देळ अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त है। इसमें दुनिया भर के 700 से अधिक वैज्ञानिक, नीति निर्माता और महिला किसान एक साथ जुटेंगे, ताकि कृषि क्षेत्र को महिलाओं के लिए अधिक सुलभ, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जा सके

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क‍िसान तक
  • नई दिल्ली,
  • Mar 12, 2026,
  • Updated Mar 12, 2026, 7:54 AM IST

भारत की राजधानी नई दिल्ली में 12 से 14 मार्च 2026 तक पूसा स्थित एनएएससी (NASC) कॉम्प्लेक्स के सुब्रमण्यम हॉल में 'ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन विमेन इन एग्री-फूड सिस्टम्स'–2026) का आयोजन किया जा रहा है.  यह सम्मेलन न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा. राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारत सरकार कृषि में महिलाओं की भागीदारी और उनके सशक्तिकरण को कितनी गंभीरता से ले रही है. यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'महिला किसान अंतरराष्ट्रीय वर्ष' (2026) के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी में महिलाओं के अदृश्य योगदान को पहचान दिलाना और उन्हें मुख्यधारा में लाना है.

दिग्गज नेताओं और वैश्विक विशेषज्ञ होगे शामिल

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कृषि और महिला विकास से जुड़े देश-विदेश के बड़े चेहरे शामिल हो रहे हैं. उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहेंगे, जबकि समापन समारोह की मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी होंगी. इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राज एस. परोदा आइसीआर पूर्व डीजी  और डॉ. हिमांशु पाठक  प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. सम्मेलन में दुनिया भर से लगभग 700 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जिनमें वैज्ञानिक, नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता, महिला किसान और स्टार्टअप उद्यमी शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. एग्नेस कलिबाता, डॉ. सौम्या स्वामीनाथन और विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता डॉ. शकुंतला थिलस्टेड जैसे नाम शामिल हैं, जो कृषि प्रणालियों में लैंगिक समानता पर अपने विचार साझा करेंगे.

कृषि प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका 

 आईसीएआर के महानिदेशक डॉ एम एल जाट  ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य विषय ) "प्रगति को गति देना, नई ऊंचाइयों को छूना" रखा गया है. वर्तमान समय में दुनिया भर के एग्री-फूड सिस्टम (कृषि-खाद्य प्रणाली) में महिलाओं की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है, लेकिन अक्सर उन्हें वह पहचान और संसाधन नहीं मिल पाते जिसकी वे हकदार हैं. GCWAS-2026 का प्राथमिक लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जहाँ नीतियां महिलाओं के अनुकूल हों. सम्मेलन में इस बात पर मंथन होगा कि कैसे बीज चयन से लेकर फसल कटाई और बाजार तक पहुँचाने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाया जाए. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिलाओं को पुरुषों के समान संसाधन और अवसर मिलें, तो वैश्विक कृषि उत्पादकता में भारी वृद्धि हो सकती है और भूखमरी जैसी समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है.

महिला किसान के विकास के लिए कई विषयो होगी चर्चा

तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन को कई महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया है, जो कृषि के हर पहलू को कवर करते हैं.ग्लोबल ट्रेलब्लेज़र इंटरफेस: इसमें दुनिया भर की उन सफल महिलाओं की कहानियाँ साझा की जाएंगी जिन्होंने कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है.आर्थिक समावेशन और सशक्तिकरण: इस सत्र में चर्चा होगी कि महिला किसानों को बैंकिंग ऋण, वित्तीय मॉडल और सीधे बाजार से कैसे जोड़ा जाए ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके.परिवर्तन के लिए तकनीक: यहाँ डिजिटल टूल, जलवायु-अनुकूल खेती और महिलाओं के अनुकूल कृषि यंत्रों पर विचार किया जाएगा, जिससे उनके शारीरिक श्रमको कम किया जा सके और उत्पादकता बढ़ाई जा सके.इन सत्रों का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि ऐसे समाधान खोजना है जिन्हें धरातल पर लागू किया जा सके.

महिला किसान मंच और नवाचारों  होगा प्रदर्शन

इस सम्मेलन की  सबसे बड़ी विशेषता इसका 'महिला किसान मंच'  और 'युवा मंच'  है. यह सम्मेलन केवल एयर-कंडीशनर कमरों में होने वाली चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझने का एक प्रयास है. महिला किसान मंच के माध्यम से गांवों से आईं प्रगतिशील महिलाएं अपनी समस्याओं और सफलताओं को सीधे नीति निर्माताओं के सामने रखेंगी. इसके साथ ही, एक विशाल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा. इस प्रदर्शनी में महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई तकनीकों, नए स्टार्टअप्स के उत्पादों और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा. यह प्रदर्शनी महिला उद्यमियों के लिए एक बड़ा नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म साबित होगी, जहाँ वे निवेशकों और विशेषज्ञों से मिल सकेंगी.

महिला किसानों के लिए होगा रोड मैप तैयार

सम्मेलन का अंतिम उद्देश्य एक 'एक्शन प्लान' या रोडमैप तैयार करना है. महिला किसान अंतरराष्ट्रीय वर्ष' पर  ग्लोबल सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्षों को एक दस्तावेज के रूप में संकलित किया जाएगा, जो भविष्य में सरकार की कृषि नीतियों को प्रभावित करेगा. उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन के बाद महिला किसानों के लिए भूमि अधिकारों, बीज उपलब्धता और तकनीकी प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार देखने को मिलेंगे. यह सम्मेलन न केवल भारत बल्कि पूरे ग्लोबल  के लिए कृषि को समावेशी, टिकाऊ और लाभदायक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा. जब महिलाएं कृषि क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी, तभी सही अर्थों में खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास का सपना साकार होगा.

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