लखनऊ के विनोद पांडेय को चढ़ा organic सब्जियां उगाने का जुनून, घर की छत को बनाया खेत

लखनऊ के विनोद पांडेय को चढ़ा organic सब्जियां उगाने का जुनून, घर की छत को बनाया खेत

Organic Farming Story: विनोद आगे बताते हैं कि मिलावटी और महंगाई के इस जमाने में शुद्ध फलों को खाएंगे और मोहल्ले के लोगों को भी खिलाएंगे. उन्होंने बताया कि उनके पास इतनी बड़ी तादाद में आम, अनार, जामुन, चीकू, करौंदा, टमाटर, बैंगन, लौकी, हरी मिर्च, नींबू, भिंडी, करेला और तमाम दूसरी सब्जियों हो जाती हैं.

लखनऊ के गोमती नगर के निवासी और समाजसेवी विनोद कुमार पांडेयलखनऊ के गोमती नगर के निवासी और समाजसेवी विनोद कुमार पांडेय
नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Aug 05, 2026,
  • Updated Aug 05, 2026, 9:17 AM IST

आजकल शहरों में खेती का तरीका तेजी से बदल रहा है. जहां पहले किसान ज्यादा फसल उगाने के लिए रासायनिक खाद और दवाइयों का इस्तेमाल करते थे, वहीं अब कई किसान ऑर्गेनिक खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. इस पहल को आगे बढ़ाया है एक निजी कंपनी में काम करने वाले लखनऊ के विनोद कुमार पांडेय ने. दरअसल, विनोद  सब्जियों के साथ ही फलों को भी अपने घर की छत, बालकनी और आंगन में उगाते है. इंडिया टुडे के डिजिटल प्लेटफॉर्म किसान तक से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक सब्जियों को खाना पसंद करते है. क्योंकि मार्केट में रासायनिक खाद और दवाइयों वाली सब्जियां और फल बिक रहे है.

घर के इस्तेमाल के लिए उगाते है ऑर्गेनिक सब्जियां

इसलिए हम खुद अपने घर पर इन ऑर्गेनिक सब्जियों को उगाते है, मेरा मकसद इन सब्जियों और फलों को बेचना नहीं होता है. बल्कि, घर के रोजाना इस्तेमाल किया जाता है. विनोद  पांडेय ने बताया कि जब वह साल 1994 में लखनऊ आए तो गोमती नगर में मकान लिया. तब से ही वो घर की छत पर सब्जियां उगा रहे है.

बैंगन, लौकी, हरी मिर्च, नींबू...

विनोद आगे बताते हैं कि मिलावटी और महंगाई के इस जमाने में शुद्ध फलों को खाएंगे और मोहल्ले के लोगों को भी खिलाएंगे. उन्होंने बताया कि उनके पास इतनी बड़ी तादाद में आम, अनार, जामुन, चीकू, करौंदा, टमाटर, बैंगन, लौकी, हरी मिर्च, नींबू, भिंडी, करेला और तमाम दूसरी सब्जियों हो जाती हैं कि मोहल्ले वालों को भी इमरजेंसी के समय में फल और सब्जियों को फ्री में देते हैं. 

गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग

लखनऊ के गोमती नगर के निवासी और समाजसेवी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि वो हमेशा सब्जियों और फलों को उगाने में गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट, नीम और देसी तरीकों का इस्तेमाल करते है. इस तरीके से उगाई गई सब्जियां ज्यादा प्राकृतिक और सेहत के लिए बेहतर मानी जाती हैं. साथ ही गांवों के लोग अब समझने लगे हैं कि शुद्ध खाना ही अच्छी सेहत की असली ताकत है. यही कारण है कि ऑर्गेनिक सब्जियों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है.

500 से अधिक गमलों के जरिए सब्जियों की पैदावार

शहरी स्मार्ट किसान के तौर पर अपनी पहचान बना चुके विनोद ने बताया कि सब्जियों और फलों को उगाने में वह सिर्फ अपनी रसोई से निकलने वाले खाद्य पदार्थ का ही इस्तेमाल करते हैं. किसी तरह का कोई मार्केट का बना हुआ कीटनाशक इस्तेमाल नहीं करते हैं, इसलिए उनके घर की सब्जी और फल सेहतमंद होते हैं. मौजूदा समय में वो 500 से अधिक गमलों के जरिए अलग-अलग सीजनल सब्जियों की पैदावार अपने घर पर कर रहे हैं.

वेजिटेबल मैन ऑफ लखनऊ से मिली पहचान

उन्होंने बताया कि करीब 150 पौधे सब्जियों के आज हमारे पास है. जहां से हम अपने खाने भर के लिए ताजा हरी सब्जियां तोड़ लेते है. यहीं वजह है कि लोग आज विनोद को वेजिटेबल मैन ऑफ लखनऊ के नाम से पहचाने हैं. वहीं कई मंचों पर उनको सम्मानित भी किया जा चुका है. 

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