गेहूं-सरसों छोड़ मूली की खेती से मालामाल हो रहे नूंह के किसान, लाखों में हो रही कमाई

गेहूं-सरसों छोड़ मूली की खेती से मालामाल हो रहे नूंह के किसान, लाखों में हो रही कमाई

हरियाणा के नूंह जिले में किसान अब गेहूं-सरसों जैसी पारंपरिक फसलों के बजाय सब्जियों की खेती से अच्छी कमाई कर रहे हैं. खासकर अगेती मूली की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है.

मूली की खेती ने बदली किसानों की किस्मतमूली की खेती ने बदली किसानों की किस्मत
क‍िसान तक
  • Nuh,
  • Sep 13, 2026,
  • Updated Sep 13, 2026, 9:49 AM IST

हरियाणा के नूंह जिले में किसान अब पारंपरिक गेहूं और सरसों की खेती के साथ-साथ सब्जियों की खेती पर जोर दे रहे हैं. जिले में इन दिनों मूली की अगेती खेती किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बनी हुई है. अच्छी बारिश से फसल भी अच्छी हुई है और बाजार में बेहतर भाव मिलने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. जिला बागवानी विभाग भी किसानों को सब्जियों की खेती के लिए तकनीकी जानकारी और योजनाओं का लाभ दे रहा है.

जुलाई में बुवाई, सितंबर तक तैयार होगी फसल

किसान रुजदार ने बताया कि वह लगातार मूली की खेती करते आ रहे हैं. अगेती मूली की बुवाई जुलाई में की जाती है और सितंबर तक फसल तैयार हो जाती है. इसके बाद अक्टूबर तक इसे बाजार में बेच दिया जाता है. उन्होंने इस साल भी जुलाई में मूली की बुवाई की थी और अब फसल लगभग तैयार है. रुजदार ने बताया कि अगेती मूली बेचने के बाद वह पत्ते वाली मूली की दूसरी फसल लगाएंगे. इसकी बिक्री नवंबर-दिसंबर में की जाती है. वह अपनी मूली फरीदाबाद और दिल्ली की ओखला मंडी में बेचने के लिए ले जाते हैं.

30 से 40 रुपये किलो तक मिल रहा भाव

किसान के मुताबिक, इस समय अच्छी और साफ-सुथरी मूली मंडी में करीब 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. इससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है. उनका कहना है कि सब्जियों की खेती पारंपरिक खेती के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है. इसके अलावा रुजदार टमाटर, करेला, हरी मिर्च और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों की खेती भी करते हैं. इन फसलों में पूरा परिवार मिलकर काम करता है और सब्जियों की खेती अब उनके परिवार की आय का मुख्य साधन बन गई है.

एक एकड़ मूली से 1.50 लाख तक की बचत

किसान रुजदार के अनुसार, अगर मौसम ठीक रहे और फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान न हो तो एक एकड़ मूली की खेती से करीब 1.25 लाख से 1.50 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है. वहीं, करेले की खेती में करीब 70 हजार रुपये की लागत आती है और अच्छी फसल होने पर मुनाफा करीब 2 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.

50 एकड़ में किसानों ने लगाई मूली

जिला बागवानी अधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि रहपुआ गांव में ही किसानों ने करीब 50 एकड़ जमीन में मूली की अगेती फसल लगाई है. इस समय मूली करीब 30 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. उनके मुताबिक, किसानों को प्रति एकड़ 2 लाख रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं. विभाग समय-समय पर मूली समेत दूसरी सब्जियों की आधुनिक खेती की जानकारी किसानों को देता है. इससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. (कासिम खान की रिपोर्ट)

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