
‘रामायण’ के लक्ष्मण बनकर करोड़ों दिलों में जगह बनाने वाले सुनील लहरी आज एक बिल्कुल नए अंदाज में नजर आ रहे हैं. कभी टीवी स्क्रीन पर धनुष-बाण संभालने वाले ये अभिनेता अब अपने फार्महाउस में ऑर्गेनिक खेती करते हुए सबका ध्यान खींच रहे हैं. ग्लैमर की दुनिया से दूर होकर उन्होंने सादगी और प्रकृति के बीच ऐसा जीवन चुना है, जिसे देखकर फैंस भी हैरान हैं और उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.
अब सुनील लहरी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार किसी टीवी शो या फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि अपनी खेती की वजह से. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे अपने फार्महाउस की सैर कराते नजर आते हैं. इस वीडियो में उन्होंने दिखाया कि वह अब ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं और प्रकृति के करीब जीवन जी रहे हैं.
अपने फार्महाउस में सुनील लहरी कई तरह की फल और सब्जियां उगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके खेत में पालक, मेथी, टमाटर, हरी मिर्च, फूल गोभी, पत्ता गोभी और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां उगाई जा रही हैं. इसके साथ ही तरबूज, केला, पपीता और काजू जैसे फल भी तैयार हो रहे हैं. इतनी सारी फसलें देखकर उनके फैंस भी हैरान रह गए.
वीडियो में यह भी दिखा कि सुनील लहरी सिर्फ अपने खेतों को देखते ही नहीं हैं, बल्कि खुद मेहनत भी करते हैं. वे खेतों में मोरिंगा तोड़ते हुए नजर आए और अपनी खेती के बारे में गर्व से बताते हैं. उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती करते हैं, यानी बिना किसी केमिकल के फसल उगाते हैं. यही वजह है कि उन्हें खेती करना बहुत पसंद है.
आज के समय में जब ज्यादातर लोग ग्लैमर और दिखावे की जिंदगी जीते हैं, वहीं सुनील लहरी एक साधारण और शांत जीवन पसंद करते हैं. वे अपने फार्महाउस में रहकर प्रकृति के बीच समय बिताते हैं. उनका यह सादा और जमीन से जुड़ा हुआ अंदाज लोगों को बहुत पसंद आ रहा है.
भले ही वे लंबे समय से एक्टिंग से दूर हैं, लेकिन सुनील लहरी सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़े रहते हैं. वे अक्सर अपने परिवार, खेती और फार्महाउस की तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहते हैं. लोग उनके इस सरल जीवन और मेहनत की खूब तारीफ करते हैं.
सुनील लहरी का जन्म 9 जनवरी 1961 को मध्य प्रदेश के दमोह में हुआ था. उनके पिता एक कॉलेज प्रोफेसर थे. उन्होंने अपने जीवन में दो शादियां की हैं. उनकी पहली शादी टूट गई थी, जिसके बाद उन्होंने भारती पाठक से शादी की. उनका एक बेटा भी है.
सुनील लहरी का यह सफर दिखाता है कि इंसान चाहे तो अपनी जिंदगी को किसी भी नए रास्ते पर ले जा सकता है. ‘रामायण’ के लक्ष्मण से लेकर एक सफल ऑर्गेनिक किसान बनने तक उनका यह बदलाव लोगों को प्रेरित करता है कि सादगी और प्रकृति के करीब जीवन भी उतना ही खूबसूरत हो सकता है.
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