किसानों पर 1.40 लाख करोड़ का KCC कर्ज, देश में सबसे ज्यादा बकाया वाला राज्य बना UP

किसानों पर 1.40 लाख करोड़ का KCC कर्ज, देश में सबसे ज्यादा बकाया वाला राज्य बना UP

उत्तर प्रदेश के किसानों पर KCC के जरिए लिया गया कर्ज लगातार बढ़ रहा है. राज्य में KCC का करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये बकाया है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है. लोकसभा में केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों से किसानों की बढ़ती कर्ज निर्भरता का पता चलता है.

यूपी में पात्र KCC धारक किसानों को फसल बीमा योजना का मिलेगा लाभयूपी में पात्र KCC धारक किसानों को फसल बीमा योजना का मिलेगा लाभ
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 13, 2026,
  • Updated Sep 13, 2026, 9:11 AM IST

उत्तर प्रदेश में किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है. किसान खेती की बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC का सहारा ले रहे हैं. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में KCC के तहत किसानों पर करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बकाया हो गया है. खास बात यह है कि KCC का यह बकाया देश के किसी भी राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा है. केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में दिए गए आंकड़ों से सामने आया है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और दूसरी लागत बढ़ने के साथ किसानों की कर्ज पर निर्भरता भी बढ़ रही है.

पांच साल में करीब 17 हजार करोड़ बढ़ा कर्ज

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में KCC का बकाया कर्ज 2021-22 में 1,23,076 करोड़ रुपये था. इसके बाद यह 2022-23 में बढ़कर 1,28,123 करोड़ रुपये हो गया. 2023-24 में KCC का बकाया 1,38,621 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,41,375 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में इसमें थोड़ी कमी आई, लेकिन यह अभी भी करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है. यानी पिछले पांच साल में उत्तर प्रदेश के किसानों पर KCC के बकाया कर्ज में करीब 16,900 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

दूसरे बड़े कृषि राज्यों से भी ज्यादा बकाया

उत्तर प्रदेश के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े कृषि राज्यों में भी KCC का काफी कर्ज बकाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्थान में करीब 1,15,769 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश में 87,391 करोड़ रुपये, गुजरात में 81,322 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र में 75,143 करोड़ रुपये का KCC कर्ज बकाया है. इससे पता चलता है कि खेती-किसानी में KCC किसानों के लिए एक अहम वित्तीय साधन बन चुका है.

क्यों बढ़ रहा किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज?

KCC के जरिए किसानों को आमतौर पर कम ब्याज दर पर कम अवधि के लिए फसल लोन मिलता है. खेती की लागत लगातार बढ़ने के कारण किसान बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और दूसरी जरूरतों के लिए KCC का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके अलावा सरकार ने किसानों को ज्यादा कर्ज उपलब्ध कराने के लिए KCC की सीमा में भी बदलाव किया है. 2025-26 के बजट में संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत KCC की लोन सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की गई थी. इससे किसानों को खेती के लिए ज्यादा संस्थागत कर्ज उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.

हालांकि, KCC से मिलने वाला सस्ता कर्ज किसानों के लिए खेती की जरूरतें पूरी करने में मददगार है, लेकिन बढ़ता बकाया यह भी दिखाता है कि किसानों की कर्ज की जरूरत लगातार बढ़ रही है. खेती की लागत और किसानों की आय के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. 

MORE NEWS

Read more!