10 बिस्वा में 27 फसलें: फिरोजाबाद के किसान सचिन राजपूत बने खेती विविधीकरण की मिसाल

10 बिस्वा में 27 फसलें: फिरोजाबाद के किसान सचिन राजपूत बने खेती विविधीकरण की मिसाल

फिरोजाबाद जनपद के साथी गांव के रहने वाले किसान सचिन राजपूत ने खेती में विविधीकरण का एक शानदार मॉडल पेश किया है. उन्होंने 10 बिस्वा में 27 तरह की फसलें लगाई हैं जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है.

धर्मेंद्र सिंह
  • फिरोजाबाद ,
  • Feb 24, 2026,
  • Updated Feb 24, 2026, 12:57 PM IST

यूपी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती में विविधीकरण (Crop Diversification) मॉडल अपनाने पर जोर दे रही है. प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को इसके फायदे समझा रहे हैं. साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक और प्राकृतिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

फिरोजाबाद के किसान ने पेश की नई मिसाल

Firozabad जनपद के हाथवंत ब्लॉक के साथी गांव निवासी किसान सचिन राजपूत ने महज 10 बिस्वा खेत में विविधीकरण मॉडल अपनाकर एक नई पहचान बनाई है. उनके इस प्रयास की आज पूरे जिले में सराहना हो रही है.

10 बिस्वा में 27 तरह की फसलें

सचिन राजपूत ने अपने छोटे से खेत में 27 प्रकार की फसलें उगाई हैं. इनमें हरी सब्जियों के साथ-साथ जीरा और सौंफ जैसे मसालेदार फसलें भी शामिल हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने खेत की मेड़ पर गेंदा के फूल भी लगाए हैं.

उनका कहना है कि गेंदा जैसे फूलों से खेत में परागण (Pollination) बेहतर होता है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है. फूलों की खुशबू और कीट नियंत्रण के प्राकृतिक गुण भी फसल को सुरक्षित रखते हैं.

पूरी तरह प्राकृतिक खेती पर आधारित मॉडल

यह पूरा मॉडल प्राकृतिक खेती पर आधारित है. रासायनिक खाद और कीटनाशकों से दूरी बनाकर उन्होंने जैविक और देशी तरीकों से खेती की है. परिणामस्वरूप फसल की गुणवत्ता बेहतर है और लागत भी कम आई है.

विविधीकरण के फायदे

सचिन राजपूत बताते हैं कि खेती में विविधीकरण के कई बड़े लाभ हैं—

  • अलग-अलग समय पर अलग-अलग फसलों से नियमित आय
  • पूरे परिवार के लिए पोषणयुक्त भोजन
  • बाजार पर कम निर्भरता
  • जोखिम में कमी (एक फसल खराब होने पर दूसरी से आय)

मृदा स्वास्थ्य में सुधार

उनका मानना है कि विविध फसलों से खेत की मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जैव विविधता बढ़ती है, जिससे भूमि लंबे समय तक उपजाऊ रहती है.

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

सचिन राजपूत का यह मॉडल छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरा है. कम जमीन में अधिक फसलें उगाकर आय बढ़ाना संभव है, बशर्ते सही योजना और प्रशिक्षण के साथ खेती की जाए.

खेती में विविधीकरण न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है.

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