बिहान योजना से बदली निधि की जिंदगी, पशुपालन और खेती से कमा रहीं 2.50 लाख रुपये

बिहान योजना से बदली निधि की जिंदगी, पशुपालन और खेती से कमा रहीं 2.50 लाख रुपये

छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ गांवों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है. इसी योजना का लाभ लेकर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के अमरपुर गांव की निधि तिवारी आज ‘लखपति दीदी’ बनकर दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

सरकारी योजना से मिली नई उड़ान (फोटो- CGDPR)सरकारी योजना से मिली नई उड़ान (फोटो- CGDPR)
संदीप कुमार
  • Noida,
  • May 29, 2026,
  • Updated May 29, 2026, 12:50 PM IST

छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ गांवों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है. इसी योजना का लाभ लेकर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के अमरपुर गांव की निधि तिवारी आज ‘लखपति दीदी’ बनकर दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं. साल 2023 में दीप महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद निधि ने पशुपालन और सब्जियों की खेती शुरू की. मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और अब वे न सिर्फ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही हैं.

10 हजार से शुरू हुआ निधि का सफर

बिहान योजना से जुड़ने के महज तीन महीने बाद निधि तिवारी को चक्रीय निधि (आरएफ) के तहत 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली. छोटी सी इस मदद को उन्होंने अपनी मेहनत और सोच से बड़ा अवसर बना दिया. निधि ने इस राशि से जर्सी नस्ल की गाय खरीदी और पशुपालन का काम शुरू किया. उनकी गाय प्रतिदिन करीब 15 लीटर दूध देने लगी, जिससे घर में नियमित आमदनी शुरू हो गई.

खेती और पशुपालन से बढ़ी आमदनी

यहीं से निधि के आत्मनिर्भर बनने का सफर तेजी से आगे बढ़ा. उनकी मेहनत और लगन को देखते हुए छह महीने बाद बिहान योजना के तहत सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी गई. इस राशि में अपनी बचत जोड़कर उन्होंने खेतों में सब्जियों की खेती शुरू की. मौसम के अनुसार अलग-अलग सब्जियों की खेती कर निधि ने आय के नए रास्ते खोल दिए और आज वे खेती और पशुपालन के जरिए अच्छी कमाई कर रही हैं.

पशुपालन और खेती से कमा रहीं 2.50 लाख 

मार्च महीने में निधि ने अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई. लगातार मेहनत, सही देखभाल और आधुनिक खेती तकनीक अपनाने का नतीजा यह रहा कि फसल शानदार हुई. अब वे स्थानीय बाजारों में करीब 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेच रही हैं. पशुपालन और सब्जी उत्पादन से उनकी सालाना आय करीब ढाई लाख रुपये तक पहुंच गई है.

निधि तिवारी ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. पहले जहां परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, वहीं अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दे रही हैं और अपने सपनों को भी पूरा कर रही हैं. उनके मुताबिक, राज्य सरकार की योजनाओं और बिहान मिशन के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का नया हौसला दिया है.

निधि तिवारी बनीं प्रेरणा की मिसाल

निधि की इस सफलता की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्वयं उनके खेत और पशुपालन की कामों का निरीक्षण किया और उनकी मेहनत की सराहना की. कलेक्टर ने कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मजबूत माध्यम बन रही है.

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने भी निधि की उपलब्धि को महिलाओं के आत्मविश्वास और मेहनत का प्रतीक बताया. उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं का सही लाभ लेकर महिलाएं अब अपने परिवार के साथ-साथ गांव की आर्थिक तरक्की में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. निधि तिवारी की कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले, तो वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन सकती है. 

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