
मौजूदा वक्त में बहुत सारे ऐसे किसान हैं जो परंपरागत फसलों की खेती को छोड़कर नकदी फसलों की खेती कर रहे हैं. दरअसल, पिछले कुछ सालों में नकदी फसलों में शामिल फलों और सब्जियों की ओर किसानों का रुझान काफी तेजी से बढ़ा है. इन्हीं फलों और सब्जियों में से एक खीरे की खेती भी है, जिसकी खेती करके किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. बता दें कि जायद सीजन खीरे की खेती के लिए बेस्ट होता है. ऐसे में अगर आप भी खीरे की खेती करना चाहते हैं और उसकी उन्नत किस्म पूसा बरखा की बीज मंगवाना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई जानकारी की सहायता से खीरे के बीज ऑनलाइन अपने घर पर मंगवा सकते हैं.
राष्ट्रीय बीज निगम (National Seeds Corporation) किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन खीरे की पूसा बरखा किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप ओएनडीसी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं. यहां किसानों को कई अन्य प्रकार की फसलों के बीज भी आसानी से मिल जाएंगे. किसान इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर पर डिलीवरी करवा सकते हैं.
पूसा बरखा एक बहुत ही जल्दी तैयार होने वाली और ज़्यादा पैदावार देने वाली खीरे की किस्म है. इस किस्म के फल का आकार मध्यम होता है. अगर आप इसकी खेती एक हेक्टेयर जमीन करेंगे तो 290 से 300 क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त हो सकता है. साथ ही स्वर्ण शीतल किस्म की एक और भी खासियत है. ये चूर्णी फफूंदी और श्याम वर्ण रोग के लिए सहनशील वैरायटी है. ये किस्म 40 से 45 दिनों में तैयार हो जाता है. जायद सीजन में इस किस्म की बुवाई अप्रैल-मई के महीने में की जाती है. वहीं बारिश के मौसम में इसकी बुवाई जून-जुलाई में की जाती हैं.
अगर आप भी खीरे की खेती करना चाहते हैं तो पूसा बरखा किस्म की खेती कर सकते हैं. इसका 10 ग्राम का पैकेट फिलहाल 11 फीसदी छूट के साथ ये पैकेट मात्र 84 रुपये में ऑनलाइन मिल जाएगा. ऐसे में आप इस बीज को घर बैठे ऑनलाइन मंगवा सकते हैं.
खीरे की खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. वहीं, इसकी खेती के लिए खेत की 3-4 बार जुताई करके और जैविक खाद मिलाकर मिट्टी को तैयार करें. इसके बाद आप सीधे बीज बो सकते हैं या नर्सरी में पौधे तैयार करके बुवाई कर सकते हैं. ज़्यादा उत्पादन के लिए, ऊपर मचान बनाकर खेती करना बेहतर होता है.
यदि आप घर पर गमले में खीरा उगाना चाहते हैं तो सबसे पहले गमले की साइज को चुनें. उसके बाद गमले में खीरा लगने के लिए मिट्टी, गोबर की खाद और बालू को आपस में मिक्स करके गमले में डालें. फिर गमले में भरे मिट्टी में किसी लकड़ी की सहायता से 4 से 5 लगभग 1 इंच गहरी छेद कर दें. अब इन छेदों में 1-1 बीज को डालकर बीजों को मिट्टी से हल्के हाथों ढक दें. गमले में खीरे की बुआई के 7 दिनों के बाद आप देखेंगे कि बीजों में अंकुरण आना शुरू हो जाता है.