
करेले की खेतीकिसान फसलों की खेती के अलावा सब्जियों की खेती करके अपनी कमाई को आसानी से बढ़ा सकते हैं. ऐसे में अगर आप भी जायद सीजन में सब्जियों की खेती करने की सोच रहे हैं तो इस महीने करेले की खेती कर सकते हैं. करेले की खेती लगभग भारत के सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर की जाती है. वहीं, करेले में कई प्रकार के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जिस वजह से मार्केट में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. करेले की खेती की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें लागत के मुकाबले कमाई अधिक होती है. ऐसे में अगर आप करेले की खेती करना चाहते हैं तो आप इसकी हाइब्रिड किस्म नट्टू की खेती कर सकते हैं. आइए जानते हैं कहां से ऑनलाइन खरीद सकते हैं बीज.
किसान मौजूदा समय में पारंपरिक फसलों को छोड़ नकदी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. वहीं, मौजूदा समय में पूरे साल करेले की मांग बाजारों में बनी रहती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर सकते हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन करेले का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप इस वेबसाइट के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर पर भी मंगवा सकते हैं.
नट्टू करेले की एक खास हाइब्रिड किस्म है. इस किस्म की खेती उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में की जाती है. इस किस्म की खेती फरवरी से जून तक की जा सकती है. इस किस्म के फलों में गूदा अधिक होता है. साथ ही इस किस्म के पौधों की लंबाई लगभग 1.20 मीटर और प्रत्येक फल लगभग 155 ग्राम का होता है. इस किस्म से प्रति एकड़ औसतन 60 क्विंटल तक उपज प्राप्त किया जा सकता है.

करेले की बीज आपको बाजार की कीमतों से सस्ता मिलेगा. बात करें करेले के बीज की कीमत की तो इसका 25 ग्राम का पैकेट फिलहाल 33 फीसदी छूट के साथ 450 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से करेले की खेती कर सकते हैं.
गमले में करेला उगाने के लिए, उपजाऊ मिट्टी, सही आकार का गमला, और सही मात्रा में पानी और धूप की जरूरत होती है. इसके लिए सबसे पहले आपको एक चौड़ा और गहरा गमला लेना होगा. इसके बाद उसमे उपजाऊ मिट्टी का उपयोग करें, जिसमें एक तिहाई वर्मी कंपोस्ट या और एक तिहाई बालू मिली हो. वहीं, मिट्टी को तैयार करने के बाद आप बीज बो सकते हैं. ध्यान रखें कि मिट्टी में 1-2 इंच गहराई में ही बीज बोएं. उसके बाद बीज को मिट्टी से ढक दें और हल्का पानी डालें.
करेले की बुवाई के लिए सबसे उचित समय जायद सीजन को माना जाता है. वहीं, खेत की तैयारी करते समय खेत में गोबर की खाद डालने के बाद कल्टीवेटर से अच्छी तरीके से जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बनाते हुए उसमें पाटा लगा कर समतल कर लें. बुवाई से पहले खेत में नालियां बना लें और इस चीज का विशेष ध्यान रखें कि खेत में जलभराव की स्थिति ना बने. फिर दोनों तरफ बनाई नाली में बीज की बुवाई करें. इसके अलावा किसान इन दिनों खेत में जाल बनाकर भी करेले की खेती कर सकते हैं. इससे किसानों को करेले की खेती में अच्छा मुनाफा हो सकता है.
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