
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के बीच किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी और स्टॉक में गड़बड़ी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र में कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान दो खाद दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ी हैं.कार्रवाई के तहत एक दुकान से 9 टन यूरिया जब्त किया गया है, जबकि दूसरी दुकान पर 21 दिनों तक उर्वरक बिक्री पर रोक लगा दी गई है.
संयुक्त जांच दल ने पुसौर स्थित अग्रवाल खाद भंडार का निरीक्षण किया तो वहां मौजूद उर्वरक स्टॉक और रिकॉर्ड में बड़ा अंतर सामने आया. जांच में पाया गया कि दुकान में करीब 9 टन यूरिया भौतिक रूप से मौजूद था, लेकिन इसका उल्लेख न तो स्टॉक रजिस्टर में था और न ही पीओएस मशीन में दर्ज किया गया था.
अधिकारियों ने इसे उर्वरक नियंत्रण नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से पूरे 9 टन यूरिया को जब्त कर लिया. साथ ही दुकान संचालक के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने बाबा मोहनदास एग्रो शॉप की भी जांच की. यहां स्टॉक रजिस्टर, पीओएस एंट्री और वास्तविक भंडारण के बीच भारी विसंगतियां पाई गईं.उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने दुकान के लाइसेंस पर तत्काल प्रभाव से 21 दिनों तक उर्वरक विक्रय प्रतिबंध लगा दिया है.
इस अवधि में दुकान संचालक किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक की बिक्री नहीं कर सकेगा.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले भर में खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है.जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पुसौर क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है. वहीं किसानों ने प्रशासन की सख्ती का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से खाद की कृत्रिम कमी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी तथा जरूरतमंद किसानों को समय पर उर्वरक मिल सकेगा.