
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है. इस समझौते के तहत 5,000 से ज्यादा महिला किसानों को खेती की नई और अच्छी तकनीक सिखाई जाएगी. यह समझौता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में किया गया है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसान महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और महिलाओं की खेती में बहुत बड़ी भूमिका है. महिलाएं खेत में काम भी करती हैं और परिवार को संभालती भी हैं. इसलिए सरकार चाहती है कि महिला किसान मजबूत बनें और आत्मनिर्भर हों.
इस योजना के पहले चरण में नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, परभणी, जलगांव, बीड, अकोला और नांदेड जिलों को शामिल किया गया है. ये जिले कपास (कॉटन) की खेती के लिए जाने जाते हैं. इन जिलों की 5,000 से ज्यादा महिला किसानों और 100 स्वयं सहायता समूहों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
महिला किसानों को अच्छी खेती के तरीके (Good Agricultural Practices) और कीटों से बचाव के तरीके (Integrated Pest Management) सिखाए जाएंगे. इससे खेत में खर्च कम होगा और फसल ज्यादा अच्छी होगी. किसान ज्यादा कमाई कर सकेंगी और उनकी खेती मजबूत बनेगी.
इस कार्यक्रम के तहत करीब 50,000 एकड़ जमीन पर खेती करने वाली महिला किसान जुड़ेंगी. अगले तीन सालों में इस योजना को और बड़ा किया जाएगा. आने वाले समय में 500 से ज्यादा स्वयं सहायता समूह इसमें शामिल होंगे और कपास के साथ-साथ मक्का जैसी दूसरी फसलों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
इस समझौते के तहत महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MSRLM-उमेद) महिला किसानों को स्वयं सहायता समूहों और कृषि सखी नेटवर्क के जरिए जोड़ेगा. वहीं गोदरेज एग्रोवेट किसानों को ट्रेनिंग, खेतों में सीखने के लिए डेमो प्लॉट, किसान स्कूल और सुरक्षा किट देगा.
यह योजना ऐसे समय शुरू की गई है जब संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है. इससे साफ होता है कि महाराष्ट्र सरकार महिला किसानों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह गंभीर है.
महाराष्ट्र सरकार और गोदरेज एग्रोवेट की यह साझेदारी महिला किसानों के लिए एक नई शुरुआत है. इससे महिलाएं नई तकनीक सीखेंगी, अच्छी खेती करेंगी और अपने परिवार व गांव को मजबूत बनाएंगी. यह योजना खेती, महिलाओं और ग्रामीण विकास-तीनों के लिए फायदेमंद साबित होगी.
ये भी पढ़ें:
छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, कृषि मंत्री चौहान से लगाई गुहार, बोले- समस्या हल नहीं हुई तो...
महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त गांवों में खेती की लागत 10 गुना घटी, किसानों का सहारा बना यह अभियान